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छिगन लाल गुसाईवाल

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Chhigan Lal Gusaiwal

Official portrait
जन्म Chhigan Lal Gusaiwal
Village Bichoon, Jaipur
Rajasthan, India
नागरिकता Indian
शिक्षा B.Sc. (Hons.), L.L.B., M.Sc. (Mathematics)
जीवनसाथी Mrs. Saroj Verma (wife)

श्री छिगनलाल गुसाईवाल रैगर समुदाय के एक प्रमुख लेखक थे।[1] [2][3] वे लेखन, सोच और सामाजिक विचारों के प्रति अभिरुचि रखते थे। उन्होंने साहित्य के माध्यम से सामाजिक जागरूकता पैदा करने के लिए अथक प्रयास किया और समुदाय के लिए सम्मानजनक साहित्य बनाने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने अपने जीवन का लगभग 30 साल रैगर समुदाय पर व्यापक शोध करने में बिताए, जिसका वर्णन "रैगर वंश का बृहद इतिहास[1]" पुस्तक में किया गया है। इस पुस्तक में रैगर समुदाय पर व्यापक शोध शामिल है, जिसमें समुदाय के विद्वानों, अन्य जातियों के विभिन्न भारतीय और विदेशी लेखकों, इतिहासकारों, विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और सरकारी अभिलेखों द्वारा लिखा गया साहित्य शामिल है। स्वर्गीय श्री छिगनलाल गुसाईवाल ने अपने जीवन के 30 वर्षों को रैगर समुदाय के इतिहास, सामाजिक संरचना, कुलों की उत्पत्ति और रायगर कुलों के साथ अन्य समुदायों के कुलों के तार्किक संबंधों के गहन अध्ययन के लिए समर्पित किया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 2,500 पृष्ठों का महत्वपूर्ण शोध-आधारित साहित्य प्राप्त हुआ।

छिगनलाल जी गुसाईवाल सबसे पहले राजस्थान उद्योग विभाग में नमक निरीक्षक के रूप में नियुक्त हुए । वर्ष 1978 में राजस्थान तहसीलदार सेवा में चयन और वर्ष 1993 में राजस्थान प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति। प्रशासनिक सेवा में विभिन्न पदों पर सेवा देने के बाद वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए।

लेखन और प्रकाशन का अनुभव

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वे रैगर कला, साहित्य और संस्कृति परिषद (regd. जयपुर) के संस्थापक अध्यक्ष और सह-संस्थापकः आत्मज्ञान प्रकाशन और फाउंडेशन (regd. जयपुर) थे। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं जैसे "रैगर वंशः एक सिंघवलोकन" (2024 में प्रकाशित)[2], रैगर समुदाय के वास्तविक गोत्र (2024 में प्रकाशित), रैगर वंश का वृहद इतिहास (2025 में प्रकाशित)[1], रैगर जाती गोत्रवंश नामों में तर्किक संबंध-अप्रकाशित 5। रैगर क्षत्रियों की सामाजिक संस्कृति-अप्रकाशित

  1. 1 2 3 Gusaiwal, Chhigan Lal (2025-01-11). RAIGAR VANS KA VRAHAD ITIHAS. Atmgyan Publication & Foundation. ISBN 978-93-341-6918-8.
  2. 1 2 Gusaiwal, Chhigan Lal (2023-12-25). RAIGAR VANSH EK SINGHAVLOKAN. Atma Gyan Publication & Foundation. ISBN 978-81-972290-1-5.
  3. समाचार पत्र, दैनिक भास्कर (Jun 19, 2025). "प्रतिभाओं का सम्मान, पुस्तक का विमोचन मेवाड़ रैगर महासभा संस्थान का मातृकुंडिया में समारोह का आयोजन हुआ". दैनिक भास्कर समाचार पत्र. p. 5. अभिगमन तिथि: Jun 19, 2025.{{cite news}}: CS1 maint: url-status (link)