छत्तीस दृश्यों में फ़ूजी पर्वत

छत्तीस दृश्यों में फ़ूजी पर्वत (जापानी: 富嶽三十六景, अंग्रेज़ी: Thirty-six Views of Mount Fuji) जापानी उकियो-ए कलाकार होकुसाई (१७६०–१८४९) द्वारा रचित परिदृश्य-काष्ठछपियों की एक श्रृंखला है। इस श्रृंखला में फ़ूजी पर्वत को विभिन्न स्थानों, मौसमों एवं ऋतुओं में दर्शाया गया है। प्रकाशन की तत्काल सफलता के बाद श्रृंखला में और भी दस छपियाँ जोड़ी गईं।
यह श्रृंखला लगभग सन् १८३० से सन् १८३२ के बीच तब रची गई, जब होकुसाई अपनी सत्तरवीं वर्ष की आयु में थे और अपने कैरियर के चरम पर थे, तथा इसे निशिमुरा योहाची द्वारा प्रकाशित किया गया।[1] इस श्रृंखला में होकुसाई की तीन सर्वाधिक प्रसिद्ध छपियाँ शामिल हैं: ‘कनागावा की महान लहर’, ‘साफ़ सुबह में हल्की हवा’ और ‘शिखर के नीचे गरज के साथ आँधियाँ’। कम-प्रसिद्ध ‘काई प्रान्त का कजीकाज़ावा’ भी इस श्रृंखला की श्रेष्ठ कृतियों में गिना जाता है। ‘छत्तीस दृश्यों में फ़ूजी पर्वत’ को कलाकार की “निस्संदेह रङ्गीन-छपाई की उत्कृष्ट कृति” कहा गया है।[2]
इतिहास
[संपादित करें]फ़ूजी पर्वत जापानी कला में सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्ता के कारण एक लोकप्रिय विषय रहा है। यह मान्यता ‘बाँस लकड़हारे की कहानी’ से प्रेरित है, जहाँ एक देवी पर्वत शिखर पर अमृत की बूंद रखती है। इतिहासकार हेनरी स्मिथ के अनुसार, “प्रारंभ से ही फ़ूजी को अमरता का रहस्य माना गया, और यही परंपरा होकुसाई के पर्वत के प्रति उत्साह का मूल रही।”[3]
प्रत्येक छपी इस प्रकार बनती थी कि होकुसाई की कागज पर रेखांकित रचना को तराशने के मार्गदर्शन के लिए लकड़ी के ब्लॉक पर चिपकाया जाता था। तराशने के बाद मूल रेखा खो जाती थी। फिर ब्लॉक में स्याही लगाकर कागज पर दबाकर छपाई की जाती थी। होकुसाई के रङ्ग प्रयोगों की जटिलता के कारण प्रत्येक रङ्ग के लिए अलग ब्लॉक की आवश्यकता होती थी।
श्रृंखला की प्रारंभिक छपियाँ मुख्यतः नीले रंग के स्वरूप (ऐज़ुरी-ए) में थीं, जिनमें रूपरेखा तैयार करने वाले की-ब्लॉक भी शामिल थे।[4] प्रशियन ब्लू वर्ण हाल ही में यूरोप से जापान आया था और होकुसाई ने इसे बड़े पैमाने पर प्रयोग किया, जिससे यह प्रचलन में आ गया। जब प्रकाशक निशिमुरा ने श्रृंखला की सफलता सुनिश्चित देखी, तब पूर्ण-रङ्गीन (निशिकी-ए) छपियाँ छापी गईं। निशिमुरा ने सौ से अधिक छपियों की योजना बनाई थी, किन्तु प्रकाशन चालीस-छह पर ही रुक गया।[5]
इस श्रृंखला की सबसे प्रसिद्ध एकल छपी अंग्रेजी में ‘The Great Wave off Kanagawa’ के रूप में जानी जाती है। यह होकुसाई की सबसे प्रसिद्ध कृति है और विश्व में जापानी कला की सबसे पहचानी जाने वाली कृति मानी जाती है। ‘साफ़ सुबह में हल्की हवा’, जिसे ‘रेड फ़ूजी’ के नाम से भी जाना जाता है, को “सभी जापानी छपियों में से सर्वाधिक सरस और सहज रचना” कहा गया है।
प्रभाव
[संपादित करें]होकुसाई की ‘छत्तीस दृश्यों में फ़ुजी’ श्रृंखला के अलावा भी इस विषय पर कई रचनाएँ बनीं, जैसे हिरोशिगे की बाद की ‘छत्तीस दृश्यों में फ़ुजी’ और होकुसाई की बाद की पुस्तक ‘फ़ुजी के एक सौ दृश्य’ (सन् १८३४–१८३५)।
सन् १८९६ में होकुसाई पर लिखी अपनी पुस्तक में फ्रांसीसी कला-आलोचक एडमॉण्ड डी गोंकोर ने लिखा कि “अपनी कुछ क्रूड रंगतों के बावजूद यह वह अल्बम है जिसने समकालीन इम्प्रेशनिस्ट परिदृश्यों को प्रेरित किया।” फ्रांसीसी कलाकार हेनरी रिविएरे (१८६४–१९५१) ने सन् १९०२ में ‘टूर ऐफ़िल के छत्तीस दृश्य’ नामक रंगीन लिथोग्राफ श्रृंखला प्रकाशित की, जो होकुसाई की प्रारंभिक छपियों से प्रेरित थी और जापानी कला के फ्रांसीसी चित्रों पर प्रभाव (जापोनिज़्म) का एक उदाहरण है।
प्रदर्शनी
[संपादित करें]सन् २०१२ में १३ जनवरी को कोस्टा कंकोर्डिया जलयान के टकराने के समय उसमें स्थित ‘छत्तीस दृश्यों में फ़ुजी’ की एक संग्रहणीय प्रतियों का सेट नष्ट हो गया।[6]
सभी चालीस-छह छपियाँ (मूल छत्तीस एवं दस अतिरिक्त) सन् २०१२ की बसंत में स्मिथसोनियन के एशियाई कला-गैलरीज़—फ्रीयर गैलरी ऑफ आर्ट एवं आर्थर एम. सैकलर गैलरी—में ‘होकुसाई: फ़ुजी के ३६ दृश्य’ प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गईं।
सन् २०१५ के ५ अप्रैल से ९ अगस्त तक बोस्टन के म्यूज़ियम ऑफ फाइन आर्ट्स में होकुसाई प्रदर्शनी में यह श्रृंखला प्रदर्शित हुई।[7]
सन् २०१७ के २१ जुलाई से २२ अक्टूबर तक मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया के नेशनल गैलरी ऑफ विक्टोरिया में ‘होकुसाई: फ़ुजी के ३६ दृश्य’ प्रदर्शनी में दो ‘कनागावा की महान लहर’ की प्रतियाँ प्रदर्शित की गईं—एक एनजीवी की और एक जापान उकियो-ए संग्रहालय की।[8]
यह भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- बाल्को, एमेली (2019) । "होकुसाईः माउंट फ़ूजी के छत्तीस दृश्य"। प्रेस्टल। ISBN 978-3791386072ISBN 978-3791386072
- Calza, Gian Carlo (2003). Hokusai. Phaidon. ISBN 0714844578.
- मार्क्स, एंड्रियास (2021) । "माउंट फ़ूजी के छत्तीस दृश्य"। न्यूयॉर्कः Taschen. ISBN 978-3836575720ISBN 978-3836575720
- नागाता, सेइजी (1999) । होकुसाईः जापानी उकियो-ई का जीनियस। टोक्योः कोडान्शा।
- प्राइस, जोनाथन रीव (2020) । "होकुसाई से माउंट फ़ूजी देखना"। अल्बुकर्क, न्यू मैक्सिकोः संचार मंडल। ISBN 978-0-9719954-7-5ISBN 978-0-9719954-7-5.
- स्मिथ, हेनरी डी. II (1988) । Hokusai: माउंट फ़ूजी के सौ दृश्य न्यूयॉर्कः जॉर्ज ब्रेज़िलर, इंक., पब्लिशर्स। ISBN 0-8076-1195-6ISBN 0-8076-1195-6.
- थॉम्पसन, सारा (2019) । "होकुसाई का परिदृश्यः पूरी श्रृंखला"। बोस्टनः एम. एफ. ए. प्रकाशन। ISBN 978-0878468669ISBN 978-0878468669
- ज़ेलज़नी, रोजर (1985) । "माउंट फ़ूजी के 24 दृश्य"। Cthulu 2000:Stories (1995) में। सौक सिटी, WI: अरखाम हाउस। ISBN 978-0345422033ISBN 978-0345422033
- ↑ Calza, p. 30
- ↑ Calza, p. 470
- ↑ Smith, Henry (1988). One Hundred Views of Mount Fuji (अंग्रेज़ी भाषा में). Thames and Hudson. ISBN 9780500235188.
- ↑ Calza, p. 470
- ↑ Calza, p. 230
- ↑ "Costa Concordia: Threat of treasure hunters". To Be A Travel Agent. मूल से से 1 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 जुलाई 2025.
- ↑ "Hokusai Features Legendary Artist, Best Known for Iconic Great Wave".
- ↑ "Hokusai".