चौसा

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बिहार में बक्सर के निकट कर्मनाशा नदी के किनारे चौसा नामक एक छोटा-सा कस्बा है। 27 जून 1539 ई. को इस स्थान पर हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच चौसा का युद्ध हुआ था। हुमायूँ बुरी तरह पराजित हुआ और उसे अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। वह अपने घोड़े के साथ गंगा में कूद पड़ा और एक भिश्ती की मदद से डूबने से बच गया। चौसा के युद्ध के बाद शेरशाह बंगाल और बिहार का सुल्तान बन गया और उसने 'सुल्तान- ए-आदिल' की उपाधि धारण की।


  • विद्यालय व कालेज*

चौसा में प्राथमिक विद्यालय के अलावा जूनियर हाईस्कूल, आदर्श उच्च विद्यालय, कन्या उच्च विद्यालय भी है।

  • बाज़ार*

चौसा में लकड़ियां का बड़ा बाजार है यहां पर दरवाजे चौखट, चौकी/तख्त, बिकते हैं। चौसा में ईंट के भट्ठे भी है। भवन निर्माण की सभी सामग्री यहां पर मिल जाता है। कपड़े की भी अच्छी-अच्छी दुकाने है। चौसा गांव में पशुओं का मेला लगता है जहां पर मुख्यत: गाय व भैंस की खरीद बिक्री होती है। पशु मेला सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार व गुरुवार लगता है। होली के अगले दिन यहां पर गदहा का मेला भी लगता है। मेला के पास ही चौसा प्रखंड तथा पुलिस थाना भी स्थित है।

  • बैंक व पोस्ट आफिस*

चौसा में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा है। जो देवी जी/भगत जी के मकान के उपरी तल से संचालित होता है। चौसा में भारतीय डाक विभाग का पोस्ट आफिस है। जिसका पिनकोड 802114 है।

  • नहर*

चौसा में महादेवा घाट के पास गंगा पम्प नहर है। वर्तमान समय में महादेव घाट पर भरत पाण्डे व ग्राम वासियों के सहयोग से गंगा आरती का भी आयोजन किया जा रहा है।

परिवहन चौसा जाने के लिए जिला मुख्यालय बक्सर से सभी प्रकार के वाहन उपलब्ध है। नजदीकी रेलवे स्टेशन:- चौसा नजदीकी बड़ा रेलवे स्टेशन: बक्सर। दूरी 10 किलोमीटर। पटना की दूरी 145KM, वाराणसी की दूरी 109 से 124 KM, आरा की दूरी 88Km,