चौबीस अवतार

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

चौबीस अवतार, दशम ग्रन्थ का एक भाग है जिसमें विष्णु के चौबीस अवतारों का वर्णन है। परम्परा से तथा ऐतिहासिक रूप से यह गुरु गोबिन्द सिंह की रचना मानी जाती है। यह रचना दशम ग्रन्थ का लगभग ३० प्रतिशत है जिसमें ५५७१ श्लोक हैं। इसमें कृष्ण अवतार तथा राम अवतार क्रमशः २४९२ श्लोक एवं ८६४ श्लोक हैं। कल्कि अवतार में ५८६ श्लोक हैं।

श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान विष्णु के चौबीस अवतार[संपादित करें]

श्रीमद्भागवत में अवतारों की मुख्यतः दो सूचियाँ हैं।[1] दोनों को मिलाकर 24 अवतारों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. सनकादि
  2. पृथु
  3. वराह
  4. यज्ञ (सुयज्ञ)
  5. कपिल
  6. दत्तात्रेय
  7. नर-नारायण
  8. ऋषभदेव
  9. हयग्रीव
  10. मत्स्य
  11. कूर्म
  12. धन्वन्तरि
  13. मोहिनी
  14. गजेन्द्र-मोक्षदाता
  15. नरसिंह
  16. वामन
  17. हंस
  18. परशुराम
  19. राम
  20. वेदव्यास
  21. बलराम
  22. कृष्ण
  23. बुद्ध
  24. कल्कि

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. श्रीमद्भागवत महापुराण-1.3.6से25; तथा 2.7.1से38, गीताप्रेस गोरखपुर