चेतन चीता

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
चेतन चीता
कीर्ति चक्र विजेता
सेवा/शाखा केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल
उपाधि कमांडिंग ऑफिसर
युद्ध/झड़पें
  • कश्मीर बड़गाम आतंकवादी झड़प
सम्मान

चेतन चीता सीआरपीएफ कीर्ति चक्र विजेता केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के कमांडिंग ऑफिसर है जो कश्मीर में बांदीपुरा में हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए थे, एनकाउंटर में एक आतंकवादी ढेर हुआ था और सेना के तीन जवान शहीद हुए थे [1]। दो महीने कोमा में रहने के बाद स्‍वस्‍थ हुए। चेतन चीता कोटा के रहने वाले हैं। उनके पिता रिटायर्ड आरएएस अफसर हैं, जो कोटा में ही रहते हैं। चेतन की पत्नी और दोनों बच्चें दिल्ली रहते हैं।[2]

घटनाक्रम[संपादित करें]

सीआरपीएफ के 45 वें बटालियन के 45 वर्षीय कमांडिंग ऑफिसर ने 14 फरवरी को बांदीपुरा में हजिन क्षेत्र के पैरे मोहल्ला मुठभेड़ में अपनी टीम का नेतृत्व किया। उत्तर-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 9 गोली[3] लगने के बाद भी चेतन चीता बहादुरी से आतंकियों से लड़ते रहे। पूरी तरह छलनी होने और आंख में गोली लगने के बावजूद चेतन चीता ने 16 राउंड गोलियां चलाई और लश्कर के खतरनाक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा[4] का आतंकवादी कमांडर अबू हारिस को ढ़ेर कर दिया। [5] दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रॉमा सेंटर में जब उन्हें लाया गया था, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी। उनके सिर में गंभीर चोटें थी। शरीर के ऊपरी हिस्से में कई जगहों पर फ्रैक्चर था, दाईं आंख भी क्षतिग्रस्त थी। शुरुआत में उन्हें श्रीनगर के आर्मी अस्तपाल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एयर एंबुलेंस के ज़रिये दिल्ली लाया गया था। ब्रिटिश अखबार "डेली मेल [6]" ने भी उनके जीवित रहने पर आश्चर्य प्रकट करते हुए लेख [7] प्रकाशित किया। १ मई को २ भारतीय सैनिको के साथ हुई बर्बरता के सन्दर्भ में चेतन ने एक वक्तव्य इंडिया टुडे को दिया था। उन्होंने कहा की वे कश्मीर वापस जाने और वहां की सेवा करने के लिए तैयार है। घाटी की स्थिति और पत्थरबाज़ी की बढ़ती घटनाओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "कश्मीरी युवा गुमराह हैं।" [8] चीता ने कहा कि, वह फिर से कोबरा बटालियन में शामिल होना चाहते हैं और सैनिको के योगदान की सराहना की जानी चाहिए।[9]

लोगों ने अजमेर की दरगाह शरीफ में प्रार्थना की और जयपुर के मंदिरो में चीता के शीघ्र स्वास्थलाभ के लिए प्रार्थना की।[10] ५ अप्रैल २०१७ को उन्हें २ महीने कोमा में रहने के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। [11]

सम्मान[संपादित करें]

भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने दिनांक २७ मार्च को मेजर विजयंत बिष्ट के साथ इन्हें कीर्ति चक्र प्रदान किया। [12][13]

टिप्पणियां[संपादित करें]

  • बहादुर अफसर चेतन चीता से मुलाकात के बाद गृह राज्यमंत्री, भारत सरकार, किरेन रिजीजू ने कहा कि उनकी हालत अब काफी बेहतर है। वहीं उनका इलाज कर रहे डॉक्टर्स का भी ये कहना कि उनका ठीक होना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
  • चीता ने कहा कि उन्होंने बहुत गर्व महसूस किया जब सेना प्रमुख ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने देश को कुछ योगदान दिया है, एक सैनिक अपने काम के लिए सराहना चाहता है[14]|

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "आतंकियों से मुठभेड़ में 9 गोलियां खाने, दो महीने कोमा में रहने के बाद स्‍वस्‍थ हुए चेतन चीता". ndtv. मूल से 5 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 अप्रैल 2017.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 23 मई 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 जुलाई 2017.
  3. "बी.बी.सी.- कई गोलियां खाईं, पर फिर उठे चेतन चीता!-अवतरण ५ अप्रेल २०१७". मूल से 27 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 अप्रैल 2017.
  4. "संग्रहीत प्रति". मूल से 15 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 अप्रैल 2017.
  5. "कश्मीर एनकाउंटर: चेतन चीता की हालत अभी भी गंभीर, देश भर में दुआओं का दौर जारी". मूल से 27 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 अप्रैल 2017.
  6. "संग्रहीत प्रति". मूल से 11 मार्च 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 अप्रैल 2017.
  7. "संग्रहीत प्रति". मूल से 27 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 अप्रैल 2017.
  8. "संग्रहीत प्रति". मूल से 4 मई 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 मई 2017.
  9. "संग्रहीत प्रति". मूल से 3 मई 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 मई 2017.
  10. "संग्रहीत प्रति". मूल से 6 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 अप्रैल 2017.
  11. "संग्रहीत प्रति". इंडियन एक्सप्रेस. मूल से 8 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 अप्रैल 2017.
  12. "संग्रहीत प्रति". मूल से 28 मार्च 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 मार्च 2018.
  13. "संग्रहीत प्रति". मूल से 28 मार्च 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 मार्च 2018.
  14. "फर्स्ट पोस्ट, अवतरण २१ अप्रेल २०१७". मूल से 25 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 अप्रैल 2017.