चित्तरंजन पार्क ,नईदिल्ली

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चित्तरंजन पार्क
neighbourhood
CountryFlag of India.svg भारत
राज्यदिल्ली i
ज़िलाNew Delhi (formerly South Delhi)
MetroNew Delhi
Languages
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)
पिन110 019

चित्तरंजन पार्क ,   (Bengali: চিত্তরঞ্জন পার্ক), भारत का राजधानी नई दिल्ली महानगर का एक संभ्रांत बस्ती इलाका है। स्वाधीनता के दौरान पुर्ब बंग पाकिस्तान का हिस्ता बनने के कारण उधर से बहुत हिन्दू भारत को चले आए थे। उनमे से एक बड़े हिसते दिल्ली सहर मे बसे। उनके लिए १९६० सदी में दक्षिण दिल्ली के खाली इलाका में एक बस्ती स्थापन किए गए। उसे पहले UPDP नाम से कहा जाता था। १९८० सदी में उसे प्रसिद्ध बंगाली स्वाधीनता संग्रामी और समाज सेबी चित्तरंजन दास के नाम के अनुसार " चित्तरंजन पार्क " नामित किया गया। यहाँ बहुत सारे बंगाली संप्रदाय के लोग रहते है और यहाँ कालिकता सहर जैसे दुकाने , मछली का बाजार , मंदीरें , सांस्कृतिक केंद्र है।  

इतिहास  [संपादित करें]

देश बिभाजन के वक़्त पूर्बी बंगाल से बहुत हिंदुओं भारत आ कर बिभिन्न इलाकाओं बसे। इनमे से एक बड़ा हिस्ता दिल्ली आए थे। उसी इलाका का बहुत न्बंगली संप्रदाय का लोग भारत सरकार मे काम कर रहे थे। वो सब दिल्ली की इलाकाओं में रहे थे। उनके लिए एक बस्ती स्थापन के लिए कुछ प्रभाबी बंगाली ब्यक्ति चन्द्र कुमार मुखर्जी , आशुतोष दत्ता , उसी समय का मुखी निर्बाचन आयोग श्यामप्रसन्न सेनबर्मा[1]के नेतृत्व मे भारत सरकार के पास आबेदन किए। सरकार सन १९६० में दक्षिण दिल्ली के पास एक सरकारी इलाका इसके लिए प्रदान किए। इसी इलाका के नजदीक कालकाजी , ग्रेटर कैलाश ,अलकानन्दा और गोबिंदपुरी बस्ती बने है।  

चित्तरंजन पार्क काली मंदिर में माँ काली मूर्ति 

बस्ती [संपादित करें]

चित्तरंजन पार्क इलाका में बंगाली शरनार्थीओ को प्लाट मिला था। बाद मे अन्नी बर्ग का लोगभी यहाँ मकान बनाकर बसे है। एहान ज़्यादातर रिटाइर ओफसरो , सरकारी कर्मचारीओं  रहते है।  [2]

बंगाली संप्रदायों का केंद्र [संपादित करें]

 दिल्ली सहर में १७०० सताब्दी से बहुत बंगाली परिबार आ कर बसे थे। ब्रिटिश सरकार के समय मे भी बहुत बंगाली कर्मचारी दिल्ली मे थे। दिल्ली सहर का तीस हजारी इलाका मे एक काली मंदिर भी बने थे। दुर्गापूजा और कालीपुजा उसी लोगों ने दिल्ली को लाये थे। सन१९४७ के बाद बहुत बंगाली दिल्ली आए और दिल्ली के तिमिरपुर , करोलबाग इलाका मे रहते थे।  [3]

चित्तरंजन पार्क बनने के बाद यह बंगाली संप्रदायों का केंद्र बना। यहाँ बंगाली नाटक , संगीत का आयोजन किया जाता है। यहाँ का बाजार मे बंगाली मछली , बंगला का मिठाई उपलब्ध होता है।  

सन २००८ का दुर्गापूजा 

जातायत [संपादित करें]

यहीं से इन्दिरा गांधी अंतर्रास्त्रीय हवाई अड्डे १७ किलोमीटर , नई दिल्ली रेल स्टेसन १६ किलोमीटर , निज़ामुद्दीन रेल स्टेसन ९ किलोमीटर और नई दिल्ली मेट्रो का नहरु प्लेस स्टेसन १ किलोमीटर की दूरी पर है।  

फिर पढ़िये [संपादित करें]

आधारें[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 20 नवंबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 जनवरी 2017.
  2. Hiroshi Ishii; Katsuo Nawa (2007).
  3. "From Bengal, but staunchly Delhiites". Hindustan Times. July 6, 2011. मूल से 2011-12-04 को पुरालेखित.

बाहरी कड़ियों [संपादित करें]