चर्च ऑफ द आर्कएंजेल माइकल,उझोक एक गिरिजाघर है। यह यूक्रेन के उझोक उपनगर में स्थित है। इसका निर्माण 1745 में किया गया था।[1]
इस इमारत में लकड़ी से बने तीन नैव (मुख्य कक्ष) और एक ईंट से बनी सैक्रिस्टी (पूजासामग्री रखने का कक्ष) है। इसे 21 जून 2013 को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया। इस चर्च को यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 37वें सत्र में विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया।[2][3]यह पोलैंड और यूक्रेन के कार्पेथियन क्षेत्र के उन 16 लकड़ी के चर्चों (त्सेर्कवास) में से एक है जिसे यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है।[4]
इस चर्च का निर्माण कार्पेथियन पहाड़ों के ल्वीव इलाके में स्थित लोगों द्वारा किया गया।
इस क्षेत्र में स्थित बिटलिया गाँव के मास्टर पावलो टोनिव और टिखी गाँव के मास्टर इवान त्सिहानिन द्वारा इस चर्च का निर्माण किया गया था। इस चर्च का निर्माण कार्य 11 जून 1745 को पूरा हुआ। इस गिरिजाघर से प्राप्त शिलालेख इस चर्च के इतिहास के बारे में बृहत जानकारी प्रदान करते हैं। इस शिलालेख पर दो क्यूरेटरों की चर्चा की गई है। पहला है-
"1895 ह्यरीच पेट्रो क्यूरेटर"- जिसकी सहायता से उस समय चर्च को ऊपर उठाया जा रहा था। साथ हीं लकड़ी के केबिन के निचले लट्ठों को बदला जा रहा था।
"हावरिल्को वासिल क्यूरेटर"- ऐसा प्रतित होता है कि इसी क्यूरेटर ने मरम्मत के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई [5]
एक कथा के अनुसार पुराने समय में उझोक एक बड़ी बस्ती थी और वहां सात मिलें थीं। जब पूरे यूरोप में प्लेग फैला तो गांव में सिर्फ एक आदमी बचा, जो चर्च के ऊपर रहता था।