चरस (फ़िल्म)
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| चरस | |
|---|---|
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| निर्देशक | रामानंद सागर |
| लेखक |
वेद राही रामानंद सागर |
| निर्माता | रामानंद सागर |
| अभिनेता |
धर्मेन्द्र हेमा मालिनी अजीत अमजद ख़ान अरुणा ईरानी असरानी |
| छायाकार | प्रेम सागर |
| संपादक | लछमनदास |
| संगीतकार | लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल |
निर्माण कंपनियां |
ज्योति स्टूडियोज़ नटराज स्टूडियोज़ |
| वितरक | सागर आर्ट इंटरनेशनल |
प्रदर्शन तिथि |
24 मई 1976 |
| देश | भारत |
| भाषा | हिन्दी |
चरस 1976 की बॉलीवुड फ़िल्म है जिसका रामानंद सागर ने निर्माण और निर्देशन किया। फ़िल्म में मुख्य भूमिका में धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी सहित अजीत, अरुणा ईरानी, अमजद ख़ान, असरानी, सुजीत कुमार, केष्टो मुखर्जी और टॉम ऑल्टर हैं। इस फिल्म में संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया।
पठकथा
[संपादित करें]सूरज अपने परिवार के साथ अफ़्रीकी राष्ट्र युगांडा में रहता है जबकि भारत में परिवार की सम्पत्ति और कारोबार की देखभाल उनका कालीचरण नाम का एक कर्मचारी करता है। जनरल ईदी अमीन द्वारा देश में शुरू की गई राजनीतिक क्रांति के कारण सूरज को अपने परिवार के साथ युगांडा छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कालीचरण को यह डर सताने लगता है कि उन्हें पता चल जाएगा कि उसने उनका पैसा ड्रग्स (चरस) तस्करी में लगाया हुआ है और इस कारणवश वह उनके घर में आग लगा देता है। सूरज के पिता की इस आग में मृत्यु हो जाती है और उसकी बहन को अगवा कर लिया जाता है। सूरज द्वारा कालीचरण की तस्करी गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस उसे भर्ती कर लेती है और इस प्रयोजन के कारण वह यूरोप जाता है जहाँ उसकी मुलाकात सुधा से होती है। सुधा एक खूबसूरत नर्तकी है जिसे कालीचरण ड्रग्स तस्करी में सहायता करने के लिए ब्लैकमेल करता है। सूरज का मिशन उसे पहले रोम और फ़िर मकाउ ले जाता है जहाँ उसकी पुनः भेट सुधा से होती है। स्थानीय पुलिस की मदद से सूरज और भारतीय नारकोटिक्स विभाग कालीचरण के ज्यादातर आदमियों को पकड़ने में कामयाब हो जाते हैं परन्तु कालीचरण सुधा को बंधी बना कर अपने भूमिगत अड्डे में छिप जाता है। आगे की पठकथा यह दर्शाती है कि कैसे सूरज कालीचरण के चुंगल से सुधा को मुक्त कराता है।
संगीत
[संपादित करें]फ़िल्म में संगीत की रचना लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने की और गीत आनंद बख्शी ने लिखें।
| गाना | गायक |
|---|---|
| "कल की हसीन मुलाकात के लिए" | किशोर कुमार और लता मंगेशकर |
| "आ जा तेरी याद आई" | मोहम्मद रफी, आनंद बख्शी और लता मंगेशकर |
| "राजा ना जा दिल तोड़ के" | लता मंगेशकर |
| "मेरा नाम बैलेरिना" | आशा भोंसले |
| "मैं एक शरीफ़" | लता मंगेशकर |
| "चरस चरस" | महेंद्र कपूर और लता मंगेशकर |