चंद्रकांत सोमपुरा
| चंद्रकांत सोमपुरा | |
|---|---|
| जन्म | अहमदाबाद, गुजरात, भारत |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| पेशा | वास्तुकार |
| प्रसिद्धि का कारण |
मंदिर वास्तुकला राम मंदिर, अयोध्या के डिजाइन हेतु |
| संबंधी | प्रभाशंकर सोमपुरा (दादा) |
| पुरस्कार | पद्म श्री (2025) |
चंद्रकांत सोमपुरा एक भारतीय वास्तुकार हैं जो मंदिर वास्तुकला के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। वे राम जन्मभूमि परिसर के प्रमुख वास्तुकार हैं।[1]

प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक विरासत
[संपादित करें]चंद्रकांत सोमपुरा, प्रसिद्ध वास्तुकार प्रभाशंकर ओघड़भाई सोमपुरा के पोते हैं, जिन्होंने 1949 में सोमनाथ मन्दिर के पुनर्निर्माण की योजना बनाई थी। उन्होंने वास्तुकला की शिक्षा अपने दादा से प्राप्त की।[2]
उनका परिवार 15 पीढ़ियों से मंदिर वास्तुकला में कार्यरत है और भारत भर में विभिन्न प्रसिद्ध मंदिरों का निर्माण कर चुका है।[3]
प्रमुख कृतियाँ
[संपादित करें]चंद्रकांत सोमपुरा ने भारत और विदेशों में 130 से अधिक मंदिरों का डिज़ाइन किया है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- राम मंदिर, अयोध्या
- अंबाजी मंदिर, पालनपुर
- अक्षरधाम मंदिर, गांधीनगर
- स्वामीनारायण मंदिर, मुंबई
- बिड़ला मंदिर, कोलकाता
सम्मान
[संपादित करें]- पद्म श्री, 2025 – वास्तुकला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।[4]
पहचान
[संपादित करें]1997 में लंदन स्थित अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदिर, जिसे सोमपुरा ने डिज़ाइन किया था, को अपनी वास्तुशिल्पीय उत्कृष्टता के लिए गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला।[5]
स्रोत
[संपादित करें]- ↑ "राम मंदिर के आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा को पद्मश्री सम्मान". भारत एक्सप्रेस. 2025-01-26. अभिगमन तिथि: 2025-05-28.
- ↑ "Who Is Chandrakant Sompura, Ayodhya Temple Architect Among Padma Awardees". NDTV. अभिगमन तिथि: 2025-01-26.
- ↑ "15 पीढ़ियां, 200 से अधिक डिजाइन, जानें कौन हैं राम मंदिर के चीफ आर्किटेक्ट". TV9 हिंदी. 2023-12-23. अभिगमन तिथि: 2025-05-28.
- ↑ "Padma Shri recognition of my work, my family's legacy". The Economic Times. 2025-01-26. अभिगमन तिथि: 2025-05-28.
- ↑ "Meet the Sompuras, master architects..." Indian Express. अभिगमन तिथि: 2025-01-26.