चंद्रकला

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
उत्तरी गोलार्द्ध से वर्ष २०२१ में एक एक घंटे के अंतराल पर देखी गई चन्द्रमा की कलाएँ
दक्षिणी गोलार्द्ध से वर्ष २०२१ में एक एक घंटे के अंतराल पर देखी गई चन्द्रमा की कलाएँ
गर्मी की एक सुबह कैलिफोर्निया में सैन गोर्गोनियो पर्वत के पीछे अस्त होता हुआ पूर्णिमा का चंद्रमा ।

पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा के सीधे सूर्य के प्रकाश वाला भाग जैसा दिखाई देता है, उसे चंद्रकला या चंद्रमा की कला कहा जाता है। चंद्रमा की कला धीरे-धीरे एक चंद्रमास (लगभग 29.53 दिन) में बदलती रहती हैं क्योंकि पृथ्वी और पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की कक्षीय स्थिति सूर्य के चारों ओर घूमती है। चंद्रमा की कक्षा में चंद्रमा की स्थिति के आधार पर, चंद्रमा का प्रकाश वाल भाग पृथ्वी से हमें कभी काम या कभी अधिक दिखाई देता है । इस प्रकार, अमावस्या को हमें चन्द्रमा के प्रकाश वाले भाग का 0% ही दिखाई देता है जो धीरे धीरे बढ़कर पूर्णिमा को से 100% दिखने लगता है ।

चन्द्रमा की कलाएँ[संपादित करें]

उत्तरी गोलार्ध से दक्षिण की ओर देखने पर चंद्रमा की कलाएँ । दक्षिणी गोलार्ध से उत्तर की ओर देखने पर प्रत्येक कला को 180° घूम जाती है आरेख का ऊपरी भाग पैमाने के अनुसार नहीं है ( चंद्रमा वास्तव में पृथ्वी से बहुत दूर है जबकि चित्र में निकट प्रतीत हो रहा है )