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चंडवर्मन् शालंकायन

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चंडवर्मन् शालंकायन राजवंश का राजा था। वह नंदिवर्मन् प्रथम का पुत्र था। शालंकायन वंश की राजधानी वेंगी थी जिसका समीकरण आधुनिक गोदावरी जिले में पेड्डवेगि नामक स्थान से किया जाता है। चंडवर्मन् का राज्यकाल चौथी शताब्दी के अन्त और पाँचवीं शताब्दी के प्रारंभ में रखा जा सकता है। उसका स्वयं का कोई अभिलेख नहीं प्राप्त है किंतु उसके ज्येष्ठ पुत्र और उत्तराधिकारी नंदिवर्मन् द्वितीय के कोल्लैर और पेड्डवेगि के अभिलेखों में उसका अभिलेख है। उसे 'प्रतापोपनत सामन्त' कहा गया है जिससे सूचित होता है कि संभवतः कुछ समीपवर्ती शासक उसकी अधीनता स्वीकार करते थे।

उड़ीसा के गंजाम जिले के कोमर्ति नाम के स्थान से प्राप्त एक अभिलेख चंडवर्मन् नाम के महाराज का है जिसकी राजधानी सिंहपुर थी और जो अपने को 'कलिंगाधिपति' बतलाता है। इसका राज्य भी ५वीं शताब्दी में रखा जा सकता है किन्तु यह चंडवर्मन् शालंकायन से भिन्न था।

सन्दर्भ

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    इन्हें भी देखें

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