घुघली

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घुघली
Ghughuli
घुघली में एक बंद चीनी फैक्ट्री
घुघली में एक बंद चीनी फैक्ट्री
घुघली की उत्तर प्रदेश के मानचित्र पर अवस्थिति
घुघली
घुघली
उत्तर प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 27°05′35″N 83°44′13″E / 27.093°N 83.737°E / 27.093; 83.737निर्देशांक: 27°05′35″N 83°44′13″E / 27.093°N 83.737°E / 27.093; 83.737
देश
Flag of India.svg भारत
प्रान्तउत्तर प्रदेश
ज़िलामहराजगंज ज़िला
जनसंख्या (2011)
 • कुल11,271
भाषा
 • प्रचलितहिन्दी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)

घुघली (Ghughali) या घुघुली (Ghughuli) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के महराजगंज ज़िले में स्थित एक नगर पंचायत है।[1][2]

विवरण[संपादित करें]

घुघली गोरखपुर के पास स्थित है और भारत नेपाल सीमा के बहुत समीप है। घुघली की पूर्व में बैकुंठी नदी है। बैकुंठी नदी का तट अंतिम संस्कार और नदी से रेत निकालने के लिए है के लिए प्रयोग किया जाता है। वर्तमान में यह 10 हजार आबादी वाला एक नगर पंचायत है।

इतिहास में यह क्षेत्र काफ़ी विकसित माना जाता था ,यहां पर अंग्रेजों द्वारा स्थापित "दयानंद आर्य वैदिक नारंग" नाम से एक इण्टर कॉलेज है जिसका निर्माण वर्ष 1945 के आसपास माना जाता है। सुनने में आता है कि इस कॉलेज में आसपास के क्षेत्रों से और 60 से 70 किलोमीटर दूर से छात्र अध्य्यन करने के लिए आते थे। आजादी के आसपास यह कॉलेज शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रसिद्धि के लिए विख्यात था। 'राष्ट्रीय सहारा'के स्वामी सुब्रत राय भी यहीं से पले बढ़े हैं। इसके अलावा यहां से पढ़कर अनेक छात्र जो वैज्ञानिक, डॉक्टर, डीएम, एसपी, उद्यगपति भी बनकर उत्तरप्रदेश के साथ साथ भारत के विकाश में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। इस कॉलेज के सामने एक विशालकाय खेल का मैदान में जिसमें सुबह शाम नगर और पास के गाँव के युवा खेल खेलने और व्यायाम करने के लिए आते हैं। 1989 के महराजगंज जिला बनने से पहले महराजगंज गोरखपुर जिले का एक तहसील हुआ करता था। और इसमें घुघली का क्षेत्र अधिक समृद्ध था क्योंकि 'चीनी का कटोरा' कहे जाने वाले इस पूर्वांचल में घुघली इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा चीनी उत्पादन करता था। यही कारण है कि उत्तरप्रदेश के पहला चीनी मिल घुघली में अंग्रेजों के द्वारा स्थापित किया गया था।

नगर पंचायत में अनियामितताएँ[संपादित करें]

घुघली नगर पंचायत के अध्यक्ष ने २०१३ में सभासदों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सभासद गलत कार्य कराने का दबाव बना रहे हैं। गलत कार्य नहीं करने पर आरोप लगाया जा रहा है। जबकि इसके विप्रीत ख़ुद उनपर गम्भीर आरोप लगे थे।[3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
  2. "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 23 अप्रैल 2017 at the वेबैक मशीन.," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975
  3. "संग्रहीत प्रति". मूल से 26 अप्रैल 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 अप्रैल 2014.