ग्रीको-रोमन कुश्ती
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| विशेषताएँ | |
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| उपकरण | कुश्ती सिंगलेट, कुश्ती के जूते |
| स्थल | कुश्ती मैट |
| ओलंपिक | 1896 (प्रथम आधुनिक ओलंपिक से) |
ग्रीको-रोमन कुश्ती (अंग्रेज़ी: Greco-Roman wrestling) दुनिया भर में अभ्यास की जाने वाली शौकिया कुश्ती की दो अंतरराष्ट्रीय शैलियों में से एक है (दूसरी शैली 'फ्रीस्टाइल कुश्ती' है)। इस खेल की सबसे बड़ी विशेषता और इसका मुख्य नियम यह है कि पहलवानों को कमर के नीचे पकड़ने या प्रतिद्वंद्वी को गिराने के लिए अपने पैरों का उपयोग करने (जैसे ट्रिपिंग या लेग-स्वीप) की सख्त मनाही होती है। यह खेल पूरी तरह से ऊपरी शरीर की विस्फोटक शक्ति, क्लिंचिंग और थ्रो पर निर्भर करता है।
इतिहास
[संपादित करें]अपने नाम के बावजूद, आधुनिक 'ग्रीको-रोमन' कुश्ती का विकास प्राचीन ग्रीस या रोम में नहीं हुआ था। इसकी उत्पत्ति 19वीं शताब्दी के मध्य में फ्रांस में हुई थी। नेपोलियन के पूर्व सैनिक, जीन एक्सब्रोयट ने फ्रांस के मेलों में कुश्ती के नियम बनाए, जिसमें कमर से नीचे पकड़ना वर्जित था। उन्होंने इसे 'फ्लैट हैंड कुश्ती' कहा। बाद में, एक इतालवी पहलवान बैसिलियो बार्टोली ने इस शैली को प्राचीन काल के शास्त्रीय मूल्यों से जोड़ने और इसे अधिक सम्मानजनक बनाने के लिए इसका नाम "ग्रीको-रोमन" रखा।
यह खेल यूरोप में इतना लोकप्रिय हुआ कि 1896 में एथेंस में आयोजित प्रथम आधुनिक ओलंपिक खेलों में इसे प्रमुख खेल के रूप में शामिल किया गया। तब से (1900 को छोड़कर) यह हर ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का हिस्सा रहा है।[1]
नियम और स्कोरिंग
[संपादित करें]एक अंतरराष्ट्रीय ग्रीको-रोमन कुश्ती मैच एक गोलाकार कुश्ती मैट पर लड़ा जाता है और इसमें 3-3 मिनट के दो पीरियड होते हैं।
- हमला और बचाव: पहलवान केवल धड़, छाती, बाहों और सिर (गर्दन के नीचे) पर पकड़ बना सकते हैं। पैरों को छूने की कोशिश करने पर फाउल दिया जाता है।
- पिन: यदि कोई पहलवान अपने प्रतिद्वंद्वी के दोनों कंधों को मैट पर टिका देता है, तो मैच तुरंत समाप्त हो जाता है और उसे विजेता घोषित किया जाता है।
- तकनीकी श्रेष्ठता: यदि कोई पहलवान अपने प्रतिद्वंद्वी पर 8 अंकों की बढ़त (Lead) हासिल कर लेता है, तो मैच तुरंत उसके पक्ष में समाप्त हो जाता है।
- स्कोरिंग: टेकडाउन, एक्सपोज़र (प्रतिद्वंद्वी की पीठ को मैट की ओर घुमाना), और थ्रो के लिए अंक दिए जाते हैं।[2]
चूँकि पैरों पर हमला नहीं किया जा सकता, इसलिए ग्रीको-रोमन पहलवानों को 'पमलिंग' के माध्यम से अंदरूनी पकड़ हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
- सुप्लेक्स: यह इस खेल का सबसे शानदार दांव है। पहलवान प्रतिद्वंद्वी की कमर को पकड़ता है और अपनी पीठ को पीछे की ओर एक मेहराब की तरह मोड़ते हुए प्रतिद्वंद्वी को हवा में उठाकर पीछे की ओर मैट पर पटकता है।
- गट रिंच: जब प्रतिद्वंद्वी मैट पर पेट के बल लेटा होता है, तो हमलावर उसकी कमर पर एक मजबूत ग्रिप बनाता है और उसे पलटकर उसकी पीठ मैट की ओर कर देता है।
शारीरिक मांग और वैश्विक दबदबा
[संपादित करें]ग्रीको-रोमन कुश्ती के लिए ऊपरी शरीर, विशेष रूप से पीठ, छाती और कोर में अत्यधिक 'आइसोमेट्रिक' शक्ति की आवश्यकता होती है। ऐतिहासिक रूप से, इस खेल में रूस, क्यूबा, ईरान और पूर्व सोवियत गणराज्यों (जैसे आर्मेनिया और जॉर्जिया) का अत्यधिक दबदबा रहा है।[3]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Greek Wrestling Research Article
- ↑ UWW, Technical Committee (2023). "International Wrestling Rules: Greco-Roman, Freestyle, Women's Wrestling". United World Wrestling: 40–55.
- ↑ "United World Wrestling (UWW) - Official Website". United World Wrestling. अभिगमन तिथि: 27 जून 2026.