गोस्वामी

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गोस्वामी एक भारतीय उपनाम हैं। आदि गुरु शंकराचार्य ने ब्राह्मण समाज के लोगों में से धर्म की हानि रोकने के लिये एक नये सम्प्रदाय की शुरुआत की जिन्हे गोस्वामी कहा गया। कुल दस भागों मे इन्हे विभाजित किया गया जेसे गिरि, पुरी, भारती, पर्वत,सरस्वती,सागर वन अरण्य तीर्थ .... जिनमे गिरि, पुरी, सरस्वती प्रमुख हैं। इन्हे समाज में और वर्णों मे रह कर समाज और धर्म के लिये काम सौंपे गए थे।

साथ ही अहीर कुल में छत्तीस[कृपया उद्धरण जोड़ें] कुरी ब्राह्मणों की भी मिलती है जिनमें से एक कुरी का नाम गोस्वामी भी है । अहीर ब्राह्मण (यादवों के पुरोहित) जिनका गौ सेवा मुख्य कार्य है, वे गौमाता को ही अपना स्वामी मानते हैं इस कारण से अहीर ब्राह्मणों को भी गोस्वामी कहा जाता है ।इनकी अधिकता बृज क्षेत्र, जिसे आभीर देश भी कहा जाता है , में​ अधिक संख्या में मिलती है। आभीर क्षेत्र में तथा यादव कुल के ब्राह्मण परंपरा में जन्म लेने वालों को ही आभीर ब्राह्मण[कृपया उद्धरण जोड़ें] कहा जाता है ।ये यादव क्षत्रियों से भिन्न हैं । कहीं-कहीं​ देखने में यह भी आता है कि यह ब्राह्मण अपने उपनाम में भी यादव संबोधन लगाते हैं।