गोरे लाल मनीषी

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गोरे लाल मनीषी (Gorelal Manishi) का जन्म 1 जनवरी 1944 ई. को बिहार के भागलपुर जिले के एक छोटे से गाँव खानपुर माल के एक मध्यम किसान परिवार में हुआ था। [1]

माता-पिता[संपादित करें]

उनके माता-पिता उनके जन्म के ठीक पहले बगल के भीखनपुर गाँव से खानपुर गाँव में आ बसे थे जहाँ वे पले – बढ़े. जब दो बरस के थे, पिता, नारायण सिंह का देहांत हो गया. अपनी माता के संरक्षण में वे पले-बढ़े और अपने कैरियर के उच्चतम शिखर तक पहँचे. उनकी माता मुंदरी देवी एक अशिक्षित परन्तु प्रबंधन कुशल महिला थीं जो अपने समय में ग्रामीण और कृषि प्रबंधन कौशलता के लिये बहुत मशहूर थीं।[2]

शिक्षा,नौकरी व कैरियर[संपादित करें]

स्व. गोरे लाल मनीषी की प्रारंभिक स्कूल की पढ़ाई निकटवर्ती गाँवों, इंगलिश खानपुर तथा करहरिया में हुई. कॉलेज की पढ़ाई सुलतानगंज और भागलपुर में हुई. उन्होंने भागलपुर अभियंत्रण महाविद्यालय से असैनिक अभियंत्रण (स्नातक) (Civil Engineering - Degree) की शिक्षा प्राप्त कर जल संसाधन विभाग, बिहार में लगभग 29 बर्षोंं तक विभिन्न योजनाओं यथा उत्तरी कोयल नदी घाटी परियोजना, पश्छिमी कोशी नहर परियोजना, स्वर्णरेखा परियोजना आदि में विभिन्न पदों पर कार्य किया. बिहार अभियंत्रण सेवा की नौकरी से उन्होंने स्वेच्छा से सेवा निवृति ली. नौकरी करते हुये उन्होंने कानून की डिग्री भी ली. [3]

वे बिहार सरकार द्वारा गठित कोसी बाँध कटाव ज्यूडिसियल जाँच कमीशन (Kosi Bund Erosion Judicial Enquiry Commission) के बोर्ड मेम्बर भी रहे. [4]

सूचना का अधिकार अभियान[संपादित करें]

अपने जीवन के अंतिम बारह बरस,एक व्यापक अभियान छेड़ कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सूचना का अधिकार अभियान शुरू कर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम करते रहे.[5] [6]. अरविंद केजरीवाल [7] , अरुणा रॉय,[8]. मनीष सिसौदिया,[9]. रूपेश,अरशद अजमल, संदीप पांडेय, कामायनी, और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर, उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के लिए अभियान शुरू किया, जो जल्दी ही एक मूक सामाजिक आन्दोलन बन गया, दिल्ली में सूचना अधिकार अधिनियम को 2001 में पारित किया गया और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संसद ने 2005 में सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) को पारित कर दिया।

सांगठनिक योगदान[संपादित करें]

अपनी इमानदारी, निर्भीकता एवं संघर्षशीलता के कारण स्व. मनीषी को जमशेदपुर परिक्षेत्र में लागातार पाँच बर्षों तक बिहार अभियंत्रण सेवा संघ (BESA) के सचिव के रूप में कार्य करने का गौरव प्राप्त हुआ. बर्ष 1996-97 में आम सदस्यों की स्वतः स्फूर्त पसंद होने के कारण बिहार अभियंत्रण सेवा संघ (BESA) के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। [10]

सामाजिक एवं जन सरोकार[संपादित करें]

श्री मनीषी ने ग्रामीण जनता के बीच विज्ञान एंव तकनीकि का जनपक्षीय अनुप्रयोग में इनकी खास रुचि होने के कारण ये भारत ज्ञान – विज्ञान समिति से जुड़े एवं विभिन्न स्थलों पर अवैतनिक कार्य किया. आजादी बचाओ आंदोलन,[11] सूचना का अधिकार अभियान,[12] [13]. स्वदेशी अभियान, लोक अधिकार संगठन [14] आदि सामाजिक एंव जन सरोकार हेतु कार्यरत संस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन किया.

गोरे लाल मनीषी आजादी बचाओ आन्दोलन के संस्थापक तथा अर्न्तराष्ट्रीय स्तर के गणितज्ञ डा॰ बनवारी लाल शर्मा के प्रमुख सहयोगियों में से थे. श्री शर्मा के साथ श्री मनीषी देश भर में भ्रमण करते थे और विभिन्न आर्थिक-सामाजिक विषयों पर भाषण देते थे। इसके अतिरिक्त वे आम लोगों एवं विद्यार्थियों के साथ मिलकर बहुराष्ट्रिय कम्पनियों के विरुद्ध आन्दोलन एवं विरोध प्रदर्शन भी करते थे। उल्लेखनीय है कि भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की सक्रियता बढ़ रही थी। निजीकरण, वैश्वीकरण एवं उदारीकरण के बढ़ते दुःप्रभाव के खिलाफ देश में लोगों-युवाओं-छात्रों केा संगठित करने वाला सम्भवतः यह पहला अहिंसक आन्दोलन है जो आज भी उसी तेवर और उत्साह से सक्रिय है। सन् 2001 में प्रो॰ शर्मा के नेतृत्व में आजादी बचाओ आन्दोलन ने बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के खिलाफ पहले 300 कि॰मी॰ लम्बी मानव श्रृंखला, फिर वर्ष 2003 में 1000 कि॰मी॰ वृत्ताकार मानव श्रृंखला बनाकर ऐतिहासिक विरोध दर्ज किया। श्री मनीषी की इसमें काफी सक्रिय भागीदारी रही थी. [15]

लेखन[संपादित करें]

इ. मनीषी अंगिका भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार थे एवं हिंदी में ज्वलंत सामयिक बिषयों एवं भ्रष्टाचार विरोधी बिषयों पर उनकी बेबक लेखनी निर्भिकता से चलती थी.[16]

जीवन शैली[संपादित करें]

उनका खुद का जीवन, उनका लेखन और सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी, इमानदारी, राष्ट्रीयता, भ्रष्टाचार उन्मूलन और समाज के उत्थान के लिए समर्पित था. महात्मा गाँधी, राम मनोहर लोहिया और अरविंद घोष के वे सच्चे अनुयायी थे. सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरूद्ध सदा आवाज बुलंद करते रहे.अपने आदर्शवादी विचारों एवं दार्शनिक अभिरूचियों के कारण श्री अरविंद आश्रम, पांडिचेरी से इनका संपर्क लंबे समय तक रहा.इ. मनीषी का मानना था कि भ्रष्ट व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन से ही अभियंताओं एवं तकनीकी विशेषज्ञों की मेधा तथा सृजनशीलता का जनहित में पूर्ण उपयोग संभव है.[17] [18] [19] [20]

निधन[संपादित करें]

इ. मनीषी अपने आदर्शों एवं निर्भीकता के साथ भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष की उत्कृष्ट मिशाल पेश कर, कैंसर से परास्त होकर 30 सितंबर 2012 को हमें अलविदा कह गये.[21] [22]

सम्मान[संपादित करें]

मरणोपरांत, इ. गोरे लाल मनीषी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिये'अभियंता रत्न'से सम्मानित किया गया. अभियंता दिवस 15 सितंबर - 2014 के अवसर पर बिहार अभियंत्रण सेवा संघ (BESA) द्वारा राजधानी पटना में आयोजित एक भव्य सामारोह में राज्य के पथ निर्माण मंत्री श्री ललन सिंह ने इस सम्मान को उनके ज्येष्ठ पुत्र को सुपुर्द किया. [23]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. गोरे लाल मनीषी का प्रोफाइल एवं निधन संबंधी समाचार Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine angika.com - अंगिका भाषा का एक साइट
  2. गोरे लाल मनीषी का प्रोफाइल एवं निधन संबंधी समाचार Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine angika.com - अंगिका भाषा का एक साइट
  3. गोरे लाल मनीषी का प्रोफाइल एवं निधन संबंधी समाचार Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine angika.com - अंगिका भाषा का एक साइट
  4. बिहार सरकार द्वारा गठित कोसी बाँध कटाव ज्यूडिसियल जाँच कमीशन संबंधी कागजात Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine kosi-aayog.bih.nic.in - बिहार सरकार का एक साइट
  5. RTI activists seek removal of Bihar CIC Archived 2013-07-18 at the Wayback Machine bihartimes.in - बिहार का एक न्यूज साइट।
  6. [1] Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine आरटीआई वेबसाइट
  7. [2] Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine आरटीआई वेबसाइट।
  8. [3] Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine आरटीआई वेबसाइट।
  9. [4] Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine आरटीआई वेबसाइट।
  10. गोरे लाल मनीषी का प्रोफाइल एवं निधन संबंधी समाचार Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine angika.com - अंगिका भाषा का एक साइट
  11. [5] Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine यूरोपीय समाचार वेबसाइट
  12. [6] Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine आरटीआई वेबसाइट।
  13. [7] Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine आरटीआई ब्लॉग-वेबसाइट।
  14. JUDGEMENT of High Court Of Patna, LOK ADHIKAR SANGATHAN Vs. UNION OF INDIA Archived 2015-02-15 at the Wayback Machine the-laws.com/Encyclopedia
  15. "A Nation wide Quit India Campaign against Coke and Pepsi". मूल से 2 अगस्त 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 अक्तूबर 2012.
  16. गोरे लाल मनीषी का प्रोफाइल एवं निधन संबंधी समाचार Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine angika.com - अंगिका भाषा का एक साइट
  17. गोरे लाल मनीषी का प्रोफाइल एवं निधन संबंधी समाचार Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine angika.com - अंगिका भाषा का एक साइट
  18. Flood water receding but Govt, Administration facing public outburst Archived 2016-03-04 at the Wayback Machine www.newzfirst.com- एक न्युज साइट।
  19. [http://www.saded.in/Green%20Features%20PDF/Northbiharriversneetisamvad12182008%5B1%5D.pdf NORTH BIHAR RIVERS NEETI SAMVAD Forum for the policy dialogue on the river basin management in North Bihar] Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine - NORTH BIHAR RIVERS NEETI SAMVAD - Draft Document
  20. Patna High Court - Orders Archived 2015-02-14 at the Wayback Machine Patna High Court - Orders।
  21. [8] Archived 2017-08-19 at the Wayback Machine राष्ट्रीय सहारा ई - पेपर वेबसाइट।
  22. गोरे लाल मनीषी का प्रोफाइल एवं निधन संबंधी समाचार Archived 2015-02-17 at the Wayback Machine angika.com - अंगिका भाषा का एक साइट
  23. "e-Paper Hindustan Patna edition dated 1-10-2014, News related to honour of the Abhiyanta Ratna given to Manishi, on 30-9-2014 September,2014". मूल से 8 जून 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 फ़रवरी 2015.