गोरिचेन
| गोरिचेन | |
|---|---|
| Gorichen | |
| उच्चतम बिंदु | |
| ऊँचाई | 6,488 मी॰ (21,286 फीट) |
| उदग्रता | 788 मी॰ (2,585 फीट) |
| निर्देशांक | 27°47′41″N 92°23′15″E / 27.79472°N 92.38750°E |
| भूगोल | |
| स्थान | अरुणाचल प्रदेश |
| मातृ श्रेणी | पूर्वी हिमालय |
| आरोहण | |
| प्रथम आरोहण | 1966 |
गोरिचेन पर्वत चोटी, भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश में तवांग और पश्चिम कामेंग जिलों के बीच मौजूद एक पर्वत चोटी है। अरुणाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार कुल 22,500 फीट (6,900 मी॰) ऊँचाई के साथ यह पूर्वी भारत और अरुणाचल प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी है।[1] वर्तमान में यह गैर-प्रतिबंधित इलाके में है और पर्वतारोहण करने वालों के लिए खुली है तथा प्रमुख पर्यटक आकर्षण है।[2] कुछ अन्य स्रोतों के मुताबिक़ गोरिचेन समूह में कुल छह चोटियाँ हैं।[3][4]
पर्यटन
[संपादित करें]ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए यहाँ सितंबर-अक्टूबर सबसे बेहतरीन होता है जब मानसून की बारिश बंद हो चुकी होती है और दृश्यता अच्छी होती है।[5] अन्य स्रोतों में, जहाँ गोरिचेन को छह छोटियों के समूह के रूप में परिभाषित किया गया है, "कांग तो" चोटी, 7,042 मीटर (23,104 फीट), जिसे स्थानीय रूप से "शेर काँगड़ी" कहते हैं, को सबसे ऊँचा बताया गया है और पूर्वी भारत की एकमात्र चोटी बताया जाता है जो सात हजार मीटर से अधिक ऊँचाई वाली है।[4]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Arunachal Tourism". Arunachal Tourism. मूल से से 14 अगस्त 2018 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2018-09-22.
- ↑ D K Khanna (15 April 2017). Gorichen to Siachen: The Untold Saga of Hoisting the Tricolour on Saltoro. Vij Books India Pvt Ltd. pp. 35–. ISBN 978-93-86367-10-5.
- ↑ The Himalayan Journal. Oxford University Press. 2004. pp. 27–.
- 1 2 Harish Kapadia (2005). Into the Untravelled Himalaya: Travels, Treks, and Climbs. Indus Publishing. pp. 51–. ISBN 978-81-7387-181-8. 11 जून 2017 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 22 सितंबर 2018.
- ↑ Pema Wangchuk (2004). Tawang darshan, a guidebook of Tawang darshan: a tourist centre in Arunachal Pradesh. Himalayan Publishers.
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