सामग्री पर जाएँ

गोपीचन्द

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से

गोपीचन्द भारतीय लोककथाओं के एक प्रसिद्ध पात्र है। वे प्राचीन काल में रंगपुर (बंगाल) के राजा थे और भर्तृहरि की बहन मैनावती के पुत्र कहे जाते हैं।[1]

इन्होंने अपनी माता से उपदेश पाकर अपना राज्य छोड़ा और वैराग्य लिया था । कहा जाता है कि ये जालन्धर नाथ् के शिष्य हुए और त्यागी होने पर इन्होंने अपनी पत्नी पाटमदेवी से, महल में जाकर भिक्षा माँगी थी । इनके जीवन की घटनाओं के गीत आजकल के जोगी सारंगी पर गाया करते हैं।

इन्हें भी देखें

[संपादित करें]

इटैलिक टेक्स्ट

  1. Maharaj, Saint Rampal Ji (2010). मुक्ति बोध - Mukti Bodh. SATLOK ASHRAM. अभिगमन तिथि 10 दिसम्बर 2021.