गोप

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ

गोप (अंग्रेज़ी: Gop or Gopa) भारत के यादव (अहीर) जाति का पर्याय है।[1][2] पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में अहीर/यादव जाति के द्वारा गोप को उपनाम के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।[3][4][5]

गोप
कूलदेवता श्री कृष्ण
धर्म Om.svg हिन्दू धर्म
भाषा हिन्दी, मैथिली, अंगिका भोजपुरी एवं बंगला
वासित राज्य बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल एवं नेपाल

उत्त्पति एवं इतिहास[संपादित करें]

व्युत्पत्ति[संपादित करें]

गोप एक संस्कृत शब्द है,[6] जिसका वर्णन वेद-पुराणों में भी मिलता है, गोप का अर्थ राजा[7] या रक्षक बताया गया है, ऋग्वेद में भी इस तथ्य की पुष्टि होती है।[8][9]

अमरकोश में बल्लव एवं अभीर को गोप का पर्यायवाची बताया गया है।[10]

ऋग्वेद के अनुसार, गोप एवं गोपति राजा या सरदार को दिए जाने वाले प्रसंग थे।[11][12][13]

उत् दासा परिविषे स्मत्दृष्टी गोपर् ईणसा यदुस्तुर्वशुश्च मामहे (ऋग्वेद, 10/62/10)[14]

इस पंक्ति से स्पष्ट होता है कि महाराज यदु एवं उनके भाई तुर्वशु गोप थे जो गायों से घिरे हुए रहते थे।[15][16]

हरिवंश पुराण के अनुसार गोप एवं यादव एक ही वंश के है, उन्हें गोप या यादव कहा जाता है।[17] ये अपना उत्त्पति राजा यदु से मानते हैं।[18]

जातिः परा न विदिता भुवि गोपजातेः (गर्ग संहिता)

अर्थात - गोप जाति से बढ़कर इस भूतल पर दूसरी कोई जाति नही।[19]

महाभारत[संपादित करें]

महाभारत काल के यादवों को वैष्णव सम्प्रदाय के अनुयायी के रूप में जाना जाता था, श्री कृष्ण इनके नेता थे: वे सभी पेशे से गोप (गौपालक) थे, लेकिन साथ ही उन्होंने कुरुक्षेत्र की लड़ाई में भाग लेते हुए क्षत्रियों की स्थिति धारण की।वर्तमान अहीर भी वैष्णव मत के अनुयायी हैं।[20][21]

महाभारत में अर्जुन और दुर्योधन के बीच हुए एक समझौते के कारण श्रीकृष्ण ने नारायणी सेना के गोपों को कौरवों को दे दिया था।[22][23]

कौरवों के पक्ष में कुरुक्षेत्र युद्ध में, एक बड़ी गोपायण सेना में कई हजारों गोप, पांडवों के खिलाफ, अन्य सेनाओं जैसे गांधार, सौवीर, कलिंग, मद्रास, पांचाल इत्यादि के साथ मिलकर युद्ध लड़ा था।[24]

ये गोप, जिन्हें कृष्ण ने दुर्योधन को उनके समर्थन में लड़ने को कहा था जब वे स्वयं अर्जुन के पक्ष में शामिल हुए थे, वे कोई और नहीं बल्कि स्वयं यादव थे, उन्हें अभीर भी कहा जाता था।[25][26][27] वे दुर्योधन और कौरवों के समर्थन में लड़े थे[28][29] और महाभारत में,[30] अभीर, गोप, गोपाल,[31] और यादव सभी पर्यायवाची हैं।[32][33][34] उन्होंने महाभारत युद्ध के नायक (अर्जुन) को हराया, और जब उन्होंने श्रीकृष्ण के परिवार के सदस्यों की पहचान का खुलासा किया तब उन्हें बख्शा।[35]

गोप (यादव) राज्य एवं प्रशासित क्षेत्र[संपादित करें]

मिदनापुर का गोपगढ़ किला।[36]
  • काठमांडू घाटी (नेपाल) के गोपाल राजवंश की स्थापना गोपों ने किया था।[37][38]
  • पश्चिम बंगाल के गोपभूम का सदगोप राजवंश।[39] यहाँ दो सदगोप (गोप) राजा थे, एक ने अमरारगर से शासन किया और दूसरा धेकुर (जिसे त्रिसस्थीगर के नाम से भी जाना जाता है) से शासन किया।[40][41]
  • नाराजोल के सदगोप राजा।[42]
  • कर्णगढ़, नारायणगढ़ और बलरामपुर के सदगोप (गोप) शासक।[43]

गोप जातीय महासभा[संपादित करें]

बाबू रास बिहारी लाल मंडल, गोप जातीय महासभा के संस्थापक एवं यादव महासभा के संस्थापक सदस्यों में से एक।[44]

गोप जातीय महासभा का गठन 1911 में बाबू रास बिहारी लाल मंडल द्वारा किया गया था। यह बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के गोप या अहीर जाति का क्षेत्रीय संगठन था।[45][46]

बाद में गोप जाति महासभा और अहीर क्षत्रिय महासभा का विलय कर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा का गठन किया गया। यादव महासभा का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन 17 से 20 अप्रैल तब 1924 में बिहार के पूर्णिया में आयोजित हुआ था और ज़मींदार राय साहेब बल्लभ दास के साथ राय साहेब स्वयंवर दास मुख्य आयोजक थे।[47]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Singh, K. S. (2008). People of India: Bihar (2 pts.) (अंग्रेज़ी में). Anthropological Survey of India. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-85579-09-2.
  2. Enthoven, Reginald Edward (1990). The Tribes and Castes of Bombay (अंग्रेज़ी में). Asian Educational Services. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-206-0630-2.
  3. Singh, Kumar Suresh (2008). People of India: Bihar, including Jharkhand (2 pts) (अंग्रेज़ी में). Anthropological Survey of India. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7046-303-0.
  4. Das, Madhusudan (1980). Madhusudan Das, the Legislator: His Speeches (अंग्रेज़ी में). Pragati Utkal Sangha.
  5. Kumar, Dalip (2007). Rural Development and Social Change: Thoughts of Swami Sahajanand (अंग्रेज़ी में). Deep & Deep Publications. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-8450-000-4.
  6. Humboldt library of science. no. 131 | pt. 2, 1890 (अंग्रेज़ी में). Humboldt Publishing Company. 1890.
  7. Alexander, James Bradun (1893). The Dynamic Theory of Life and Mind: An Attempt to Show that All Organic Beings are Both Constructed and Operated by the Dynamic Agencies of Their Respective Environments (अंग्रेज़ी में). Housekeeper Press.
  8. Luniya, Bhanwarlal Nathuram (1978). Life and Culture in Ancient India: From the Earliest Times to 1000 A.D. (अंग्रेज़ी में). Lakshmi Narain Agarwal.
  9. Indian History (अंग्रेज़ी में). Allied Publishers. 1988. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-8424-568-4.
  10. Enthoven, Reginald Edward (1990). The Tribes and Castes of Bombay (अंग्रेज़ी में). Asian Educational Services. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-206-0630-2.
  11. Indian History (अंग्रेज़ी में). Allied Publishers. 1988. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-8424-568-4.
  12. Luniya, Bhanwarlal Nathuram (1978). Life and Culture in Ancient India: From the Earliest Times to 1000 A.D. (अंग्रेज़ी में). Lakshmi Narain Agarwal.
  13. Humboldt library of science. no. 131 | pt. 2, 1890 (अंग्रेज़ी में). Humboldt Publishing Company. 1890.
  14. Reu, Bisheshwar Nath (1964). ऋग्वेद का सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सार. Rājasthāna Sāhitya Akādamī (Saṅgama).
  15. Pandey, Dr Rajbali (2006). Rigveda (अंग्रेज़ी में). Diamond Pocket Books (P) Ltd. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-89182-63-2.
  16. Experts, Disha (2018-12-17). The History Compendium for IAS Prelims General Studies Paper 1 & State PSC Exams 3rd Edition (अंग्रेज़ी में). Disha Publications. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-93-88373-03-6.
  17. Soni, Lok Nath (2000). The Cattle and the Stick: An Ethnographic Profile of the Raut of Chhattisgarh (अंग्रेज़ी में). Anthropological Survey of India, Government of India, Ministry of Tourism and Culture, Department of Culture. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-85579-57-3.
  18. Pinch, William R. (1996-06-18). Peasants and Monks in British India (अंग्रेज़ी में). University of California Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-520-91630-2.
  19. Team, Lucknow First (2021-11-13). "जातिः परा न विदिता भुवि गोपजातेः". लखनऊ समाचार, लखनऊ खबरें | Lucknow News Bitcoin Cryptocurrency ,Breaking, Today News (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2022-02-24.
  20. Shashi, Shyam Singh (1994). Encyclopaedia of Indian Tribes: The tribal world in transition. Anmol Publications, 1994. पृ॰ 76. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788170418368. The Yadavas of the Mahabharata period were known to be the followers of Vaisnavism, of which Krsna was the leader: they were gopas (cowherd) by profession, but at the same time they held the status of the Ksatriyas, participating in the battle of Kurukshetra. The present Ahirs are also followers of Vaisnavism.
  21. Vaidya, Chintaman Vinayak (2001). Epic India, Or, India as Described in the Mahabharata and the Ramayana. Asian Educational Services, 2001. पृ॰ 423. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788120615649. The fact that the Yadavas were pastoral in their habits is distinctly proved by the fact that Krishna's sister Subhadra when she was taken away by Arjuna is described as having put on the dress of a Gopi or female cowherd. It is impossible to explain this fact unless we believe that the whole tribe was accustomed to use this dress. The freedom with which she and other Yadava women are described as moving on the Raivataka hill in the festivities on that occasion also shows that their social relations were freer and more unhampered than among the other Kshatriyas. Krishna again when he went over to Arjuna's side is said in the Mahabharata to have given in balance for that act an army of Gopas to Duryodhana. The Gopas could have been no other than the Yadavas themselves.
  22. Soni, Lok Nath (2000). The Cattle and the Stick: An Ethnographic Profile of the Raut of Chhattisgarh (अंग्रेज़ी में). Anthropological Survey of India, Government of India, Ministry of Tourism and Culture, Department of Culture. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-85579-57-3.
  23. The Indian Historical Quarterly (अंग्रेज़ी में). Calcutta Oriental Press. 1944.
  24. Choudhury, Mamata (1977). Tribes of Ancient India (अंग्रेज़ी में). Indian Museum.
  25. Man in India – Google Books. 1974.
  26. Shah, Popatlal Govindlal (13 February 2009). Ethnic history of Gujarat – Popatlal Govindlal Shah – Google Books.
  27. Ethnic history of Gujarat
  28. Man in India – Google Books. 17 July 2007.
  29. Man in India, Volume 54-page-39
  30. Ancient Nepal
  31. Regmi, D. R. (1 December 1973). Ancient Nepal – D. R. Regmi, Nepal Institute of Asian Studies – Google Books.
  32. Kapoor, Subodh (2002). Encyclopaedia of ancient Indian ... – Subodh Kapoor – Google Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788177552980.
  33. Rao, M. S. A. (14 December 2006). Social movements and social ... – M. S. A. Rao – Google Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780333902554.
  34. Rao, M. S. A. (14 December 2006). Social movements and social ... – M. S. A. Rao – Google Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780333902554.
  35. Singh Yadav, J. N. (28 August 2007). Yadavas through the ages, from ... – J. N. Singh Yadav – Google Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788185616032.
  36. "Gopegarh Eco Park: Where nature is your only companion". Outlook (India) (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2021-03-09.
  37. Agravāla, Kr̥shṇadeva (1985). Hindi translation of Sanskirt inscriptions from Nepal. Īsṭarna Buka Liṅkarsa.
  38. Satyal, Yajna Raj (1988). Tourism in Nepal: A Profile (अंग्रेज़ी में). Nath Publishing House.
  39. Bengal (India), West (1965). West Bengal District Gazetteers: Barddhamān (अंग्रेज़ी में). State editor, West Bengal District Gazetteers.
  40. Smith, William L. (1980). The One-eyed Goddess: A Study of the Manasā Maṅgal (अंग्रेज़ी में). Almqvist & Wiksell International. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-91-22-00408-0.
  41. McLane, John R. (2002-07-25). Land and Local Kingship in Eighteenth-Century Bengal (अंग्रेज़ी में). Cambridge University Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-521-52654-8.
  42. Chatterji, Joya (2002-06-06). Bengal Divided: Hindu Communalism and Partition, 1932-1947 (अंग्रेज़ी में). Cambridge University Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-521-52328-8.
  43. Bandyopadhyay, Sekhar (2004-07-01). Caste, Culture and Hegemony: Social Dominance in Colonial Bengal (अंग्रेज़ी में). SAGE Publications India. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-321-0407-0.
  44. "'समता मूलक समाज के निर्माता थे रासबिहारी बाबू'". Dainik Jagran. अभिगमन तिथि 2021-04-14.
  45. Das, Madhusudan (1980). Madhusudan Das, the Legislator: His Speeches (अंग्रेज़ी में). Pragati Utkal Sangha.
  46. Banerjee, Supurna; Ghosh, Nandini (2018-09-17). Caste and Gender in Contemporary India: Power, Privilege and Politics (अंग्रेज़ी में). Taylor & Francis. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-429-78395-1.
  47. Banerjee, Supurna; Ghosh, Nandini (2018-09-17). Caste and Gender in Contemporary India: Power, Privilege and Politics (अंग्रेज़ी में). Taylor & Francis. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-429-78395-1.