गृह फाइनेंस

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गृह फाइनेंस लिमिटेड
प्रकार निजी कंपनी
उद्योग वित्तीय सेवाएं
स्थापना १९८६
संस्थापक हसमुखभाई पारेख
मुख्यालय अहमदाबाद, भारत
क्षेत्र भारत
प्रमुख व्यक्ति केकी मिस्त्री (अध्यक्ष)
सुधीन चौकसी (प्रबंध-निदेशक तथा सी.ई.ओ)
उत्पाद गृहनिर्माण वित्त (हाउसिंग फाइनेंस)
स्वामित्व हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कारपोरेशन
कर्मचारी ६६७
वेबसाइट gruh.com

गृह फाइनेंस लिमिटेड (अंग्रेज़ी: GRUH Finance Limited) (NSEGRUH, BSE: 511288) भारत की सबसे बड़ी गृहनिर्माण वित्त (हाउसिंग फाइनेंस) कंपनियों में से एक है जिसका अहमदाबाद में पंजीकृत और कॉर्पोरेट कार्यालय है। इसकी स्थापना हसमुखभाई पारेख द्वारा १९८६ में हुआ था।

कंपनी आवास इकाइयों की खरीद, निर्माण और नवीनीकरण के लिए लोगों को ऋण प्रदान करती है। संगठन स्व-नियोजित व्यक्तियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है जिनके पास कोई औपचारिक आय प्रमाण नहीं है। साथ ही, यह उपभोक्ताओं को फिक्स्ड डिपॉजिट सेवा प्रदान करता है। कंपनी ने ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी श्रेणियों के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत राष्ट्रीय आवास बैंक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।[1]

गृह एक जमा (वित्तीय) स्वीकार करने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनी भी है और रिटेल पब्लिक के साथ-साथ रजिस्टर्ड ट्रस्ट्स और व्यक्तियों का संघ (एसोसिएशन ऑफ़ पर्सन्स) के डिपॉज़िट को भी स्वीकार करता है।

स्थापना के बाद से, गृह ने ४,५६,००० से अधिक ग्राहकों को ३३,३९० करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए हैं। २००१ के गुजरात भूकंप के दौरान, गृह ने १५०० परिवारों की सहायता के लिए २५ करोड़ रुपये वितरित किए।[2]

इतिहास[संपादित करें]

कंपनी की स्थापना हसमुख ठाकुरदास पारेख ने गुजरात रूरल हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन (गुजरात ग्रामीण आवास वित्त निगम) के रूप में वर्ष १९८६ में की थी। हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कारपोरेशन (एचडीएफसी, HDFC), अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी, IFC) वॉशिंगटन, डी॰ सी॰, आग़ा ख़ाँ फण्ड फॉर इकनोमिक डेवलपमेंट (AKFED), सरकारी बैंक और अन्य कॉर्पोरेट संस्थानों को गृह फाइनेंस लिमिटेड बनाने के लिए आगे लाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।[3]

पारेख ने "ग्रामीण आवास के लिए एक उपयुक्त संस्थागत संरचना" की आवश्यकता के बारे में सोच रखा था। अपने दिनों  की कठोर "नियंत्रित अर्थव्यवस्था" को देखते हुए, उन्होंने इस तरह की संस्था की आवश्यकता को समझा।[4]

वर्ष १९९४-९५ में, किसी भी अन्य हाउसिंग फाइनेंस कंपनी की तरह, गृह फाइनेंस को रियल एस्टेट बाजार में गिरावट का सामना करना पड़ा। कंपनी को "वित्तीय गड़बड़ी" से बाहर निकालने के लिए सुधीन चोकसी को नए सीईओ के रूप में चुना गया।[5] उन्होंने संस्थापक सिद्धांतों के साथ काम को संरेखित किया और नियमित आय वाले लोगों के लिए ऋण सेवाओं का शुभारंभ किया, जिनके पास औपचारिक आय प्रमाण नहीं थे। इस पहल को "गृह सुविधा " कहा गया और कुछ ही समय में, गृह फाइनेंस फिर से परिचालन रूप से लाभदायक कंपनी बन गयी। इसी सफलता के चलते ,वर्ष २००० में चोकसी को संगठन के प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया।

उपलब्धियां[संपादित करें]

  • २१ जुलाई, १९८६ - गुजरात रूरल हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन (गुजरात ग्रामीण आवास वित्त निगम) की स्थापना
  • १९८७-८८ - गुजरात राज्य से ऋण संचालन की शुरुआत
  • १९९२-९३ - कंपनी ने २.५ करोड़ रुपये आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव रखा
  • १९९४-९५ - कंपनी का संचयी संवितरण १०० करोड़ रुपए पार किया
  • १९९५-९६ - कंपनी का नाम बदलकर गृह फाइनेंस लिमिटेड कर दिया गया
  • १९९५-९६ - महाराष्ट्र से ऋण संचालन की शुरुआत
  • १९९९-२००० - कंपनी का संचयी संवितरण ५०० करोड़ रुपए पार किया
  • २००४-०५ - ऋण में आधारित संपत्ति १००० करोड़ रुपये को पार किया
  • २००६-०७ - कंपनी का संचयी संवितरण २५०० करोड़ रुपए पार किया
  • २००७-०८ - कंपनी का बाजार पूंजीकरण ५०० करोड़ रुपए को पार किया
  • २००७-०८ - छत्तीसगढ़ और तमिल नाडु से ऋण संचालन की शुरुआत
  • २०१०-११ - ऋण में आधारित संपत्ति ३००० करोड़ रुपये को पार किया
  • २०१०-११ - कंपनी का बाजार पूंजीकरण १००० करोड़ रुपए को पार किया
  • २०१०-११ - कंपनी का संचयी संवितरण ५००० करोड़ रुपए पार किया
  • २०१४-१५ - उत्तर प्रदेश से ऋण संचालन की शुरुआत
  • २०१५-१६ - बिहार और झारखण्ड से ऋण संचालन की शुरुआत
  • २०१६-१७ - पश्चिम बंगाल से ऋण संचालन की शुरुआत
  • २०१६-१७ - कंपनी का संचयी संवितरण २०००० करोड़ रुपए पार किया[6]
  • २०१७-१८ - कंपनी का बाजार पूंजीकरण १०००० करोड़ रुपए को पार किया
  • २०१८-१९ - कंपनी का संचयी संवितरण ३०००० करोड़ रुपए पार किया

सेवाएं[संपादित करें]

गृहनिर्माण वित्त[संपादित करें]

गृह फाइनेंस घरों की खरीद, निर्माण और नवीनीकरण के लिए आवास ऋण प्रदान करता है। कंपनी ज़मीनी वास्तविकताओं को समझकर, बिना किसी औपचारिक आय प्रमाण के भी स्व-नियोजित व्यक्तियों को ऋण प्रदान करता है। इसकी विभिन्न सेवाएं निम्नानुसार हैं - गृह सुरक्षा, गृह सुविधा, गृह सजवत और गृह समृद्धि गृह ऋण। अब तक, कंपनी ने कुल मिलाकर 28,456 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया है।[7]

बीमा[संपादित करें]

बीमा वितरित करने और बेचने के लिए, कंपनी ने सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों और निजी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों के साथ करार किया है।

  • दा ओरिएण्टल इन्शुरन्स कंपनी लिमिटेड[8]
  • एचडीएफसी लाइफ इन्शुरन्स[9]

विलयन[संपादित करें]

१ जनवरी २०१९, गृह फाइनेंस के बोर्ड ने बंधन बैंक के साथ विलय को मंजूरी दे दी।[10] गृह फाइनेंस के शेयर धारकों को १००० शेयरों पर बंधन बैंक के ५६८ शेयर मिलेंगे। विलय के बाद बंधन बैंक में एचडीएफसी (HDFC) की हिस्सेदारी १४.९६ फीसदी होगी। गृह फाइनेंस में एचडीएफसी (HDFC) की ५७.८३ फीसदी हिस्सेदारी है।[11]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "List of Primary Lending Institutions-PLIs who have signed MoUs with Central Nodal Agencies. Status as on 31 Dec 2017" (PDF). शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार.
  2. "GRUH Finance Annual Report 2010-2011" (PDF). MoneyControl / BSE.
  3. "Gruh Finance: Serving the Underserved in the Housing Sector". Knowledge@Wharton.
  4. "अध्याय 10: चयनित बीएसई अनुक्रमित कंपनियों का अवलोकन" [Chapter 10: Overview of Selected BSE Indexed Companies] (PDF) (English में). शोधगंगा, इनफ्लिबीनेट (INFLIBNET). पृ॰ ११२.
  5. "कैसे सुधिन चोकसी ने ग्रुह फाइनेंस के लिए एक जगह बनाई" [How Sudhin Choksey carved a niche for Gruh Finance]. Forbes India. Forbes India. May 25, 2016.
  6. (English), प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (July 10, 2018). "HDFC group's market capitalisation crosses Rs 10 trillion, only second after Tatas". फर्स्टपोस्ट. प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया.
  7. "Gruh Finance - India Infoline". July 10, 2019.
  8. "Letter of Offer, For Equity Shareholders of the Company Only (GRUH Finance)" (PDF). भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी). September 1, 2006.
  9. "HDFC Life - DRAFT RED HERRING PROSPECTUS" (PDF). HDFC Bank. August 18, 2017.
  10. "गृह फाइनेंस का बंधन बैंक में विलय, शेयरधारकों को मिलेंगे इतने शेयर". News18 (Hindi). January 7, 2019.
  11. त्रिपाठी, सुशिल (January 9, 2019). "गृह फाइनेंस मर्जर डील से बंधन बैंक पर क्या होगा असर, शेयर को लेकर क्या करें निवेशक". Financial Express (Hindi).