गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार

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गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार 28 फरवरी 2002 को 2002 गुजरात दंगों के दौरान तब हुआ था, जब हिन्दू की एक भीड़ ने गुलबर्ग सोसाइटी (अहमदाबाद के चमनपुरा में स्थित एक मुस्लिम मुहल्ला) पर हमला किया। हमले में सोसाइटी के अधिकतम घर जला दिए गए, और कम से कम 35 लोग (जिनमें कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री भी शामिल थे) जिन्दा जलकर मरे। हमले के बाद 31 लोग लापता थे, इन्हें बाद में मृत मान लिया गया।[1][2][3][4][5]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Year later, Gulbarg still a ghost town". The Indian Express. 1 March 2003. मूल से 9 जनवरी 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 जून 2016.
  2. "Apex court SIT submits report on Gulbarg Society massacre". Hindustan Times. 14 May 2010. मूल से 6 जून 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 जून 2016.
  3. Shelton, p. 502
  4. "The Gulbarg Society massacre: What happened". NDTV. 11 March 2010. मूल से 28 जनवरी 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 जून 2016.
  5. "Safehouse of Horrors". Tehelka. 3 November 2007. मूल से 20 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 जून 2016.


ग्रन्थ सूची[संपादित करें]