गायत्री

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गायत्री देवी
वैदिक मंत्रों और धुनों की देवी ; वेदों की माता एवं सभी धार्मिक ग्रंथों की लेखिका
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देवनागरी श्री गायत्री देवी
संबंध सरस्वती, वेदमाता, जगजन्नी, आदि पराशक्ति
निवासस्थान सत्यलोक
मंत्र ॐ भूर्भूवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्।
अस्त्र शंख, चक्र, पद्म, परशु, गदा , त्रिशूल, खड्ग, तलवार, मुंड, वेद और पाश
जीवनसाथी ब्रह्मा
सवारी राजहंस, कमल
शास्त्र श्री गायत्री सहस्रनामस्तोत्र

यह हिन्दू धर्म की एक देवी हैं। इसका संशोधन महर्षि विश्वामित्र द्वारा किया गया है। अपितु यह ब्रह्म देव की निर्मिती और पत्नी है। इसका मूल रूप श्री सावित्री देवी हैं। यह एक कठोर परंतु सर्व सिद्धी दात्री देवी मानी जाती हैं। गायत्री देवी की साधना के हेतु गायत्री मंत्र का जप-अनुष्ठानादि किया जाता है। गायत्री मंत्र इस प्रकार है:-

ॐ भूर्भूवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यम्।
भर्गो देवस्य धीमही।
धियो योनः प्रचोदयात्।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

गायत्री मंत्र