गामा ऐन्ड्रौमिडे तारा

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गामा ऐन्ड्रौमिडे तारा

गामा ऐन्ड्रौमिडे, जिसका बायर नामांकन भी यही नाम (γ And या γ Andromedae) है, देवयानी तारामंडल का तीसरा सब से रोशन तारा है। इसका पृथ्वी से देखा गया औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) २.२६ है और यह पृथ्वी से ३५० प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है। यह पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से ६९वाँ सब से रोशन तारा भी है। वैसे पृथ्वी से एक दिखने वाले इस तारे में शक्तिशाली दूरबीन से देखने पर वास्तव में चार अलग तारे दिखते हैं। कम शक्तिशाली दूरबीन से यह दो तारों सा प्रतीत होता है - एक रोशन पीले रंग का और एक धुंधला सा गहरे नीले रंग का। इन दो अलग रंगों कि वजह से इसे एक सुन्दर दोहरा तारा समझा जाता है।

अन्य भाषाओं में[संपादित करें]

गामा ऐन्ड्रौमिडे को "ऑलमाक" (Almach) भी कहा जाता है, जो अरबी भाषा के "अल-अनाक़ अल-अर्ज़" (العناق الأرض) से लिया गया है और जिसका अर्थ "स्याहगोश" (एक बिल्ली-नुमा जानवर) है।

वर्णन[संपादित करें]

सन् १७७८ में दूरबीन से देखने पर ज्ञात हुआ गामा ऐन्ड्रौमिडे वास्तव में एक दोहरा तारा है, जिसके तारे इस प्रकार हैं:

  • गामा ऐन्ड्रौमिडे 'ए' (γ1 Andromedae) - यह इस दोहरे तारे का अधिक रोशन तारा है। यह एक K3 IIb श्रेणी का पीला चमकीला दानव तारा है। इसका व्यास (डायामीटर) सूरज के व्यास का ८० गुना है और इसकी निहित चमक (निरपेक्ष कान्तिमान) सूरज की २००० गुना है।
  • गामा ऐन्ड्रौमिडे 'बी' और 'सी' (γ2 Andromedae) - यह इस दोहरे तारे का कम रोशन तारा है। इसे ग़ौर से देखने पर मालूम हुआ है कि यह स्वयं भी एक दोहरा तारा है:
    • गामा ऐन्ड्रौमिडे 'बी' - इस तारे की पृथ्वी से देखी गई चमक ५.५ मैग्निट्यूड है लेकिन इसे और भी ध्यान से परखने पर दिखा कि यह भी एक द्वितारा है जिसमें दो B श्रेणी के मुख्य अनुक्रम तारे एक-दूसरे की परिक्रमा कर रहे हैं। यह एक परिक्रमा हर २.६७ दिनों में पूरी कर लेते हैं।[1]
    • गामा ऐन्ड्रौमिडे 'सी' - यह एक A श्रेणी का मुख्य अनुक्रम तारा है जिसकी पृथ्वी से देखी गई चमक ६.३ मैग्निट्यूड है। ध्यान रहे कि मैग्निट्यूड एक उल्टा माप है और यह जितना अधिक हो तारा उतना ही कम रोशन लगता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. A Preliminary Study of the Spectroscopic Binary Gamma Andromedae B, L. A. Maestre and J. A. Wright, Astrophysical Journal 131 (January 1960), pp. 119–121, Bibcode 1960ApJ...131..119M.