गहरे आकाश की वस्तु
| इस लेख या इसके भागों में दिए गए सन्दर्भ विकिपीडिया के विश्वसनीय स्रोतों के मापदंडो पर खरे नहीं उतरते। कृपया सन्दर्भ जांच कर सहकार्य करे। अधिक जानकारी या वार्ता संवाद पृष्ठ पर देखे जा सकते है। इस लेख को जुलाई 2026 से टैग किया गया है। |

गहरे आकाश की वस्तु (अंग्रेज़ी: Deep-sky object), जिसे संक्षेप में DSO भी कहा जाता है, खगोल विज्ञान और मुख्य रूप से 'शौकिया खगोल विज्ञान' में उपयोग किया जाने वाला एक व्यापक शब्द है। यह उन सभी खगोलीय पिंडों को संदर्भित करता है जो हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित हैं, लेकिन वे व्यक्तिगत तारों की श्रेणी में नहीं आते हैं। सरल शब्दों में, रात के आकाश में दिखने वाले ग्रहों, चंद्रमा, धूमकेतुओं और एकल तारों को छोड़कर, जो कुछ भी धुंधला या विस्तृत खगोलीय पिंड दिखाई देता है, वह गहरे आकाश की वस्तु कहलाता है।[1][2]
गहरे आकाश की वस्तुओं को उनकी भौतिक प्रकृति के आधार पर मुख्य रूप से तीन बड़ी श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
1. तारागुच्छ
[संपादित करें]ये गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक साथ बंधे तारों के समूह हैं।
- खुले तारागुच्छ: ये युवा तारों के ढीले समूह होते हैं जो आमतौर पर सर्पिल आकाशगंगाओं की भुजाओं में पाए जाते हैं। इनमें कुछ दर्जन से लेकर कुछ हज़ार तारे तक हो सकते हैं।
- गोलाकार तारागुच्छ: ये बहुत ही प्राचीन तारों के घने, गोलाकार समूह होते हैं, जिनमें लाखों तारे एक छोटे से क्षेत्र में कसकर बंधे होते हैं। ये आकाशगंगा के 'हेलो' में पाए जाते हैं।[3]
2. नीहारिकाएँ
[संपादित करें]अंतरिक्ष में मौजूद गैस (मुख्य रूप से हाइड्रोजन) और धूल के विशाल बादलों को नीहारिका कहा जाता है।
- उत्सर्जन नीहारिकाएँ: ये ऐसे बादल हैं जो अपने भीतर मौजूद गर्म, युवा तारों के विकिरण से ऊर्जा प्राप्त करके स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं (जैसे ओरियन नीहारिका)।
- परावर्तन नीहारिकाएँ: ये स्वयं का प्रकाश उत्सर्जित नहीं करतीं, बल्कि अपने आस-पास के तारों के प्रकाश को परावर्तित करती हैं।
- ग्रहीय नीहारिकाएँ: ये सूर्य जैसे तारों के जीवन के अंतिम चरण में उनके द्वारा अंतरिक्ष में फेंके गए गैस के आवरण हैं (जैसे रिंग नेबुला)।
- सुपरनोवा अवशेष: एक विशाल तारे के विस्फोटक अंत (सुपरनोवा) के बाद बचा हुआ मलबा (जैसे क्रैब नेबुला)।[4]
3. आकाशगंगाएँ
[संपादित करें]हमारी अपनी आकाशगंगा के बाहर स्थित अन्य सभी आकाशगंगाएँ भी गहरे आकाश की वस्तुओं में गिनी जाती हैं। इनमें अरबों तारे, गैस और डार्क मैटर होता है। इनमें मुख्य रूप से सर्पिल, अंडाकार और अनियमित आकाशगंगाएँ शामिल हैं।[5]
खगोलीय कैटलॉग
[संपादित करें]ऐतिहासिक रूप से, खगोलविदों ने इन वस्तुओं को पहचानने और सूचीबद्ध करने के लिए कई कैटलॉग बनाए हैं:
- मेसियर कैटलॉग: 18वीं शताब्दी में फ्रांसीसी खगोलशास्त्री चार्ल्स मेसियर द्वारा बनाया गया यह सबसे प्रसिद्ध कैटलॉग है। उन्होंने 110 वस्तुओं की सूची बनाई (M1 से M110 तक) ताकि धूमकेतु खोजने वाले खगोलविद भ्रमित न हों।
- न्यू जनरल कैटलॉग: 1888 में जॉन लुइस एमिल ड्रेयर द्वारा संकलित, यह एक बहुत बड़ा कैटलॉग है जिसमें 7,800 से अधिक गहरे आकाश की वस्तुएं शामिल हैं।[6]
अवलोकन और प्रकाश प्रदूषण
[संपादित करें]गहरे आकाश की वस्तुओं का अवलोकन खगोल विज्ञान प्रेमियों का सबसे पसंदीदा शौक है। चूँकि इनमें से अधिकांश वस्तुएं बहुत धुंधली होती हैं, इसलिए इन्हें देखने के लिए एक अच्छे द्विनेत्री या दूरबीन की आवश्यकता होती है।
इनके अवलोकन में सबसे बड़ी बाधा प्रकाश प्रदूषण है। शहरों की कृत्रिम रोशनी के कारण रात का आकाश चमकने लगता है, जिससे इन धुंधली वस्तुओं को देखना लगभग असंभव हो जाता है। यही कारण है कि गहरे आकाश का अवलोकन करने वाले लोग हमेशा दूरदराज के अंधेरे क्षेत्रों की यात्रा करते हैं।[7][8]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Burnham, Robert (1978). Burnham's Celestial Handbook: An Observer's Guide to the Universe Beyond the Solar System. Dover Publications. pp. 15–20. ISBN 978-0486235677.
- ↑ 40 Nights to Knowing the Sky: A Night-by-Night Sky-Watching Primer
- ↑ Harris, William E. (1996). "A Catalog of Parameters for Globular Clusters in the Milky Way". The Astronomical Journal. 112: 1487. डीओआई:10.1086/118116.
- ↑ Kaler, James B. (1997). Cosmic Clouds: Birth, Death, and Recycling in the Galaxy. Scientific American Library. pp. 45-55. ISBN 978-0716750758.
- ↑ The Deep-Sky Observer's Year: A Guide to Observing Deep-Sky Objects Throughout the Year
- ↑ Dreyer, J. L. E. (1888). "A New General Catalogue of Nebulae and Clusters of Stars, being the Catalogue of the late Sir John F. W. Herschel, Bart, revised, corrected, and enlarged". Memoirs of the Royal Astronomical Society. 49: 1–237.
- ↑ Cinzano, P.; Falin, F.; Elvidge, C. D. (2001). "The first World Atlas of the artificial night sky brightness". Monthly Notices of the Royal Astronomical Society. 328 (3): 689–707. डीओआई:10.1046/j.1365-8711.2001.04882.x.
- ↑ The Amateur Astronomer's Guide to the Deep-Sky Catalogs