गजानन विष्णु दामले

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गजानन विष्णु दामले हिन्दू महासभा के निःस्वार्थ सेवक रहे। शिरगांव के विष्णुपंत दामले के पुत्र थे। रत्नागिरी में प्लेग महामारी के दौरान वीर सावरकर ने इनके यहां २४ नवंबर, १९२४ से २० जून, १९२५ तक आवास किया था। यहीं पर सावरकर ने अपनी पुस्तक हिन्दू पादपादशाही लिखी थी। १९३७ में सावरकर जब मुंबई आए, तब दामले इनके निजी सचिव रहे थे। ये सावरकर की सभी यात्राओं में उनके साथ रहे थे। १९३८ में भागनगर (हैदराबाद) के अहिंसक प्रतिरोध में इन्होंने भाग लिया व गिरफ्तार भी हुए। इन्हें १९४६ के मुंबई दंगों में भी गिरफतार किया गया था। बाद में गांधी हत्याकाण्ड के आरोप में इन्हें १९४८ से लंबे समय तक कारावास भोगना पड़ा था।

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