ख्वाजा बाकी बिल्लाह

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ख्वाजा बाकी बिल्लाह (14 जुलाई 1564 - 29 नवंबर 1603) काबुल के सुफी संत थे। [1] [2] [3] [4]

जन्म[संपादित करें]

ख्वाजा बाकी बिल्लाह उप-महाद्वीप में नगक्षबन्दी आदेश के प्रवर्तक और अग्रणी थे।उसका नाम राजी-उद-दीन मुहम्मद बाकी था लेकिन वह सामान्यतः ख्वाजा बाकी बिल्लाह के नाम से जाना जाता था उनके पिता काजी अब्द अल-सलाम समरकंदी एक प्रसिद्ध विद्वान और काबुल के संत थे।ख्वाजा बाकी बिल्लाह काबुल में 1563 ई.पू. में पैदा हुए थे। उनकी वंशावली अपने नाना के माध्यम से ख्वाजा उबेद उल्लाह अहरार तक पहुंचती है।उनका नाम उनके माता-पिता "मुहम्मद अल-बाकी" और बाद में "बाकी बिल्लाह" नाम से लोकप्रिय हो गया।उनका तखल्लुस (कलम का नाम) "बेरंग" था (जिसका शाब्दिक अर्थ है रंगहीन या पारदर्शी)।[5]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Article on KhwajaBaqi Billah". मूल से 27 जून 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2009-11-15.
  2. "HAZRAT KHAWAJA BAQI BILLAH R.A". मूल से 16 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2009-11-16.
  3. Ellison Banks Findly (Feb 1993). Nur Jahan, empress of Mughal India. Oxford University Press. पृ॰ 208. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-19-507488-8.
  4. Malika Mohammada. The foundations of the composite culture in India. पृ॰ 181. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-89833-18-9. मूल से 3 जनवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 फ़रवरी 2018.
  5. "Article on KhwajaBaqi Billah". मूल से 5 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 फ़रवरी 2018.