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खुदाबादी लिपि

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खुदाबादी लिपि वर्णमाला
खुदाबादी लिपि में लिखा 'सिंधी'

खुदाबादी लिपि सिन्धी भाषा को लिखने के लिए प्रयुक्त एक लिपि है। इसे खुदावादी, हटवाणकी या हटकई लिपि भी कहा जाता है। इस लिपि का विकास सिंध क्षेत्र के व्यापारी एवं स्वर्णकार समुदाय द्वारा किया गया था। इसका प्रयोग विशेष रूप से व्यापारिक लेखन, धार्मिक साहित्य तथा निजी पत्राचार में होता था।[1]

खुदाबादी लिपि का नाम खुदाबाद नामक स्थान से जुड़ा माना जाता है, जो वर्तमान पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में स्थित था। 19वीं शताब्दी में यह सिंधी भाषा की प्रमुख लिपियों में से एक थी। बाद में अरबी लिपि आधारित सिंधी लेखन के व्यापक प्रचलन के कारण इसका उपयोग कम हो गया।[2]

यूनिकोड

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खुदाबादी लिपि को यूनिकोड मानक में संस्करण 7.0 के अंतर्गत सम्मिलित किया गया। इसका यूनिकोड ब्लॉक U+112B0 से U+112FF तक निर्धारित है।[3]

खुदाबादी यूनिकोड ब्लॉक
ब्लॉक सीमा विवरण
Khudawadi U+112B0 – U+112FF खुदाबादी लिपि के अक्षर, मात्राएँ और अंक

खुदाबन्दी का यूनिकोड

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Khudawadi
Official Unicode Consortium code chart

0123456789ABCDEF
U+112Bx 𑊰 𑊱 𑊲 𑊳 𑊴 𑊵 𑊶 𑊷 𑊸 𑊹 𑊺 𑊻 𑊼 𑊽 𑊾 𑊿
U+112Cx 𑋀 𑋁 𑋂 𑋃 𑋄 𑋅 𑋆 𑋇 𑋈 𑋉 𑋊 𑋋 𑋌 𑋍 𑋎 𑋏
U+112Dx 𑋐 𑋑 𑋒 𑋓 𑋔 𑋕 𑋖 𑋗 𑋘 𑋙 𑋚 𑋛 𑋜 𑋝 𑋞 𑋟
U+112Ex 𑋠 𑋡 𑋢 𑋣 𑋤 𑋥 𑋦 𑋧 𑋨 𑋩 𑋪
U+112Fx 𑋰 𑋱 𑋲 𑋳 𑋴 𑋵 𑋶 𑋷 𑋸 𑋹

टिप्पणी: धूसर रंग वाले खाने अभी आरक्षित (Reserved) यूनिकोड कोड बिंदु दर्शाते हैं।


विशेषताएँ

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  • यह लिपि बाएँ से दाएँ लिखी जाती है।
  • इसमें स्वर, व्यंजन तथा संयुक्ताक्षरों की व्यवस्था पाई जाती है।
  • व्यापारिक समुदायों में लेखा-जोखा लिखने के लिए इसका व्यापक उपयोग होता था।
  • इसकी संरचना देवनागरी, गुरमुखी और अन्य उत्तर भारतीय लिपियों से कुछ समानता रखती है।

इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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  1. Daniels, Peter T. (1996). The World's Writing Systems. Oxford University Press. ISBN 9780195079937.
  2. "Unicode Standard – South and Central Asia-I" (PDF). Unicode Consortium. अभिगमन तिथि: 2026-05-13.
  3. "Khudawadi Unicode Chart" (PDF). Unicode Consortium. अभिगमन तिथि: 2026-05-13.