खीर भवानी मंदिर
| खीर भवानी | |
|---|---|
क्षीर भवानी, महारज्ञा देवी मंदिर, तुल मुल मंदिर | |
खीर भवानी आत्मलिंग रूप में | |
| धर्म | |
| संबंधन | हिन्दू धर्म |
| देवता | भवानी, महारज्ञ भगवती |
| त्यौहार | खीर भवानी मेला, ज्येष्ठ अष्टमी |
| अवस्थिति | |
| अवस्थिति | तुल मुल, गान्दरबल ज़िला, जम्मू और कश्मीर |
| देश | भारत |
| निर्देशांक | 34°13′16″N 74°43′48″E / 34.22111°N 74.73000°E |
| वास्तुकला | |
| संस्थापक | हनुमान |
| स्थापना | रामाणय काल |
| ऊँचाई | 1,592 मी॰ (5,223 फीट) |
खीर भवानी, क्षीर भवानी या राज्ञा देवी मंदिर भवानी देवी का एक प्रसिद्ध मंदिर है। जम्मू और कश्मीर के गान्दरबल ज़िले में तुलमुल[a] गाँव में एक पवित्र पानी के चश्मे के ऊपर स्थित है। यह श्रीनगर से 25 किलोमीटर दूर है। खीर भवानी देवी की पूजा लगभग सभी कश्मीरी हिन्दू करते हैं। पारंपरिक रूप से वसंत ऋतू में मंदिर में खीर चढ़ाया जाता था इसलिए नाम 'खीर भवानी' पड़ा।[5] इन्हें महारज्ञा देवी[b] के नाम से जाना जाता है।[6] (यहाँ नाम मैं महा, माता, भगवती और देवी आदरसूचक है।) ऐसी मान्यता है कि किसी प्राकृतिक आपदा की भविष्यवाणी के सदृष, आपदा के आने से पहले ही मंदिर के कुण्ड का पानी काला पड़ जाता है।[7][8]
जम्मू और कश्मीर के महाराजा प्रताप सिंह और महाराजा हरि सिंह ने मंदिर के निर्माण और जीर्णोद्धार में योगदान दिया है।[9] इस क्षेत्र में खीर भवानी के अन्य मंदिर हैं । टिक्कर, कुपवाड़ा में माता खीर भवानी मंदिर को भारतीय सेना द्वारा पुनर्निर्मित किया गया है।[10] 2021 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भारतीय राजनेता राहुल गांधी देवी को श्रद्धांजलि देने मंदिर आए।[11][12]

इतिहास, लोककथाएं और किंवदंतियां
[संपादित करें]पौराणिक कथा के अनुसार रावण की भक्ति से महारज्ञा देवी प्रसन्न थी और उनके सामने प्रकट हुई । रावण को सीलोन में स्थापित देवी की एक छवि मिली। हालांकि, रावण की निर्ममता से देवी नाराज हो गईं। हनुमान की सहायता से वह तुलमुल के पास आई।[8]
यहां बसंत का रंग बदलता है। 1886 में वाल्टर लॉरेंस [en] ने वसंत के पानी में बैंगनी रंग होने की सूचना दी।[13]
जब १८९० के दशक में स्वामी विवेकानंद कश्मीर गए, खीर भवानी की पूजा करते हुए मंदिर की स्थिति ने उन्हें चिंतित कर दिया। स्वामी विवेकानंद के पूर्ण कार्यों में, विवेकानंद से देवी कहती हैं, "मेरी इच्छा है कि मैं एक जीर्ण-शीर्ण मंदिर में रहूं, अन्यथा, मैं चाहूं तो क्या मैं तुरंत यहां सोने का सात मंजिला मंदिर नहीं बना सकती। आप क्या सहायता कर सकते हैं? क्या मैं आपकी रक्षा करूं या आप मेरी रक्षा करेंगे!"[14][15]
ज्येष्ठ अष्टमी और खीर भवानी मेला/यात्रा
[संपादित करें]जम्मू और कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बाद खीर भवानी मंदिर अधिक लोकप्रिय तीर्थों में से एक है।[16][17] यहाँ ज्येष्ठ अष्टमी मनाया जाता है।[18][18] प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर 18 जून 2021 पर, सभी को, विशेषकर कश्मीरी हिन्दू समुदाय को, बधाई दी।[19]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]नोटलिस्ट
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Dubey, Gitika (23 जनवरी 2019). "सीता हरण से दुखी होकर यह देवी लंका से आईं कश्मीर, खीर से होती हैं प्रसन्न". नवभारत टाइम्स. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
- ↑ IANS (10 जून 2019). "कश्मीरी पंडितों ने खीर भवानी मंदिर में की शांति की प्रार्थना". TheQuint. मूल से से 11 जनवरी 2022 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
- ↑ "कश्मीर: खीर भवानी मंदिर में हेमा मालिनी ने की पूजा, पढ़िए इस प्राचीन धर्मस्थल से जुड़ी रहस्यमयी मान्यताएं". Amar Ujala. 19 जुलाई 2021. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
- ↑ "हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के साथ मनाया जा रहा खीर भवानी उत्सव". NDTVIndia. इंडो-एशियन न्यूज़ सर्विस,. 2 जून 2017. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
{{cite web}}: CS1 maint: extra punctuation (link) CS1 maint: others (link) - ↑ "खीर भवानी मंदिर में पूजा कर महबूबा ने कहा- पंडितों के बिना है अधूरा कश्मीर". Dainik Bhaskar. 2016. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
- ↑ Kohli, M. S. (2002). Mountains of India: Tourism, Adventure and Pilgrimage (अंग्रेज़ी भाषा में). Indus Publishing. p. 297. ISBN 978-81-7387-135-1.
... Kheer Bhawani Temple The Goddess Ragnya Devi is symbolised as a sacred spring at Tula Mula village ...
- ↑ Saqi, Pt. Moti Lal (जून 2001), "Tul-Mul", Three Shrines of Khir Bhawani - Tul-Mul, Mani Gam and Raithan from Kosher Encyclopaedia-Vol. 1 & 2 Cultural Academy, vol. 1, translated by Bhat, R.L., Kashmir Herald
- 1 2 Sharma, Tanvi (30 जून 2019). "चमत्कारी है देवी का यह मंदिर, प्राकृतिक आपदा आने से पहले काला हो जाता है कुंड का पानी |". Patrika News. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
- ↑ "Kheer Bhawani Temple in Kashmir". www.jktdc.co.in. Jammu and Kashmir Tourism Development Corporation. अभिगमन तिथि: 10 जनवरी 2022.
Maharaja Pratap Singh built this temple in 1912, which was later renovated by Maharaja Hari Singh.
{{cite web}}: CS1 maint: url-status (link) - ↑ Wani, Ashraf (18 दिसम्बर 2021). "Temple of Mata Kheer Bhawani renovated by Army on Minority Rights Day in J&K's Kupwara". India Today. अभिगमन तिथि: 10 जनवरी 2022.
{{cite web}}: CS1 maint: url-status (link) - ↑ Sharma, Parag (10 अगस्त 2021). "जानें कौन हैं देवी खीर भवानी जिनके दर्शन को पहुंचे थे राहुल गांधी, ऐसी है देवी की मान्यता". नवभारत टाइम्स. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
- ↑ "Mission Kashmir: विधि विधान के साथ खीर भवानी मंदिर में अमित शाह ने की पूजा-अर्चना". आज तक. अभिगमन तिथि: 11 जनवरी 2022.
- ↑ Lawrence, Walter Roper (1895). The Valley of Kashmir. pp. 296, 297.
- ↑ Vivekananda, Swami. The Complete Works of Swami Vivekananda – via WikiSource.
- ↑ Chaturvedi, Anshul (28 जून 2021). Vivekananda Handbook for Everyday Living (अंग्रेज़ी भाषा में). Bloomsbury Publishing. ISBN 978-93-89611-38-0.
- ↑ Upadhyay, Sujeet (30 मई 2020). "जम्मू-कश्मीर: 'खीर भवानी मेला और यात्रा' लॉकडाउन के चलते रद्द, मंदिर में पूजा करने पहुंचे श्रद्धालु". Navbharat Times. अभिगमन तिथि: 10 जनवरी 2022.
- ↑ "तस्वीरों में देखिए, अमरनाथ के बाद ये है सबसे बड़ा र्तीथ". Amar Ujala. 27 मई 2015. अभिगमन तिथि: 10 जनवरी 2022.
- 1 2 "In pictures: Jyeshta ashtami celebrations in Jammu and Kashmir". Hindustan Times (अंग्रेज़ी भाषा में). 20 जून 2018. अभिगमन तिथि: 10 जनवरी 2022.
- ↑ "ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर प्रधानमंत्री की बधाई". पत्र सूचना कार्यालय (Press Information Bureau/PIB), Government of India. 18 जून 2021. अभिगमन तिथि: 10 जनवरी 2022.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]
विकिमीडिया कॉमन्स पर Kheer Bhawani से सम्बन्धित मीडिया
- खीर भवानी मंदिर, यू-ट्यूब पर वीडियो
- तुलमुल्ली नागस लगे परि पारी, खीर भवानी को समर्पित कश्मीरी भजन, यू-ट्यूब पर वीडियो