खालिदा रियासत
| खालिदा रियासत | |
|---|---|
| जन्म |
खालिदा रियासत 07 जुलाई 1953 कराची, पाकिस्तान |
| मौत |
26 अगस्त 1996 (उम्र 43 वर्ष) कराची, पाकिस्तान |
| पेशा | अभिनेत्री |
| कार्यकाल | १९७४–१९६६ |
| प्रसिद्धि का कारण | अभिनय |
| जीवनसाथी | फ़ैसल सलह हयात (वि॰ 1984–96) |
| बच्चे | २ |
| संबंधी | आयशा खान (बहन) |
खालिदा रियासत (उर्दू: خالدہ ریاست ; ७ जुलाई १९५३ - २६ अगस्त १९९६) एक अनुभवी पाकिस्तानी टेलिविज़न अभिनेत्री थीं। रूही बानो और उज़्मा गिलानी के साथ, वह १९७० के दशक के मध्य से १९९० के दशक के मध्य तक पाकिस्तान की टेलीविजन स्क्रीन पर हावी रहीं।[1][2][3]
प्रारंभिक जीवन और परिवार
[संपादित करें]खालिदा रियासत की जन्म १९५३ में कराची में हुई था। वह प्रसिद्ध टेलीविज़न व्यक्तित्व आयशा खान की छोटी बहन थीं। [4]
करियर
[संपादित करें]रियासत की सबसे पहली नाटक जासूसी श्रृंखला नामदार थीं। उनके करियर की शुरुआत १९७० के दशक के अंत में हसीना मोइन की क्लासिक बंदिश से हुई। एक अन्य लोकप्रिय उद्यम में, उन्होंने अनवर मक़सूद के लंबे नाटक, हाफ-प्लेट में अभिनेता मोइन अख्तर के साथ अभिनय किया। उनके कुछ उल्लेखनीय नाटक हैं पनाह, बंदिश, धूप दीवार, खोया हुआ आदमी, सिल्वर जुबली, ताबीर, अब तुम जा सकते हो और परोसी।[5]
निजी जीवन
[संपादित करें]खालिदा ने १९८४ में फैसल सालेह हयात से शादी की और उनके दो बेटे थे।[6]
मौत।
[संपादित करें]रियासत की २६ अगस्त १९९६ को ४३ वर्ष की आयु में कैंसर से निधन हो गई।[7]
फिल्मोग्राफी
[संपादित करें]टेलिविज़न सेरियल्स
[संपादित करें]- एक मोहब्बत सौ अफसाने
- बंदिश
- धुंड[8]
- नामदार
- लज़ावल
- नास्हेमन
- मक़सूम
- साय्या
- अधय चेहरे
- अनकही
- सिल्वर जुबली
- ताबीर
- परोसी
- हाँ साहब, नहीं साहब
- अब तुम जा शक्ते हो
टेलीफिल्म
[संपादित करें]- पनाह
- दश्त-ए-तनहाई
- अब तुम जा शक्ते हो
- खोया हूवा आदमी
- हाफ प्लेट-1980 के दशक में बेगम साहिबा (मिर्जा की पत्नी) के रूप में [9]
- वादी-ए-पुरखर
- मेरी सदगी देख
- धूप देवर
- नांगे पाओन
- बाज़दीद
- नक्श ए सानी
- क़र्ज़
- अधय चेहरे
- टाइपिस्ट
- उम्मीद-ए-बहार
सम्मान और श्रद्धांजलि
[संपादित करें]२००५ 005 में, उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और कराची में पहले सिंधु नाटक पुरस्कारों में मोइन अख्तर, अदनान सिद्दीकी, फैसल कुरैशी, सुल्ताना सिद्दीकी, हुमायूं सईद और बाबरा शरीफ सहित टेलीविजन हस्तियों द्वारा उन्हें एक किंवदंती कहा गया।[10] पाकिस्तान सरकार१६ 16 अगस२०२१ 021 को लाहौर में उनके नाम पर एक सड़क और चौराहे का नाम रखा।[11]
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "TV Actress Khalida Riyasat remembered". मूल से से 29 August 2012 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 30 August 2014.
- ↑ "The actress who set the benchmark". 28 February 2021. अभिगमन तिथि: 28 February 2021.
- ↑ "Theatre Review Half Playt". 8 March 2021. अभिगमन तिथि: 8 March 2021.
- ↑ Anyone who has been a witness of the golden era of television in Pakistan must be well aware of the sister duo comprising Ayesha Khan and Khalida Riyasat. Extremely talented, both Ayesha and her younger sister were a part of some of the most unforgettable dramas seen in the history of television in Pakistan. Although most of Ayesha's roles were supporting in nature, she naturally brought warmth and sweetness in them. "Ayesha Khan Senior Biography". अभिगमन तिथि: 30 August 2014.
- ↑ "The unforgettable Khalida Riyasat". DAWN News. 27 August 2014. अभिगमन तिथि: 27 August 2014.
- ↑ "Khalida Riyasat: Every woman needs the security of a man". The Herald Dawn. 4 July 2021. मूल से से 29 April 2013 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 4 July 2021.
- ↑ "16th death anniversary of Khalida Riyasat observed". The Nation. 12 January 2021. अभिगमन तिथि: 12 January 2021.
- ↑ "When drama was king". Dawn News. 16 February 2021. अभिगमन तिथि: 16 February 2021.
- ↑ Half Plate Archived 29 अप्रैल 2013 at the वेबैक मशीन. Retrieved 24 March 2013
- ↑ "The 1st Indus Drama Awards". dailymotion. Indus TV Network. अभिगमन तिथि: 14 March 2021.
- ↑ "Lahore streets, intersections to be named after famous personalities". Dawn News. August 18, 2021.