खान बहादुर खान रुहेला

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बरेली की जिला जेल के समीप खान बहादुर खान का शहीद स्थल।

खान बहादुर खान रुहेला १८२३ – १८६०) रुहेलखण्ड के द्वितीय नवाब, हाफिज रहमत खान के पोते थे। उन्होंने १८५७ के भारतीय विद्रोह के दौरान अंग्रेजों का विरोध किया, और बरेली में विद्रोह की सफलता के पश्चात अपनी सरकार बनाई। जब 1857 का भारतीय विद्रोह विफल हुआ, तो बरेली भी अंग्रेजों के अधीन हो गया। वह बचकर नेपाल भाग निकले, लेकिन वहां के लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और अंग्रेजों के हवाले कर दिया। उन्हें मौत की सजा सुनाई गई और २४ फरवरी १८६० को कोतवाली में फांसी दे दी गई।[1][2]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. Khan Bahadur Khan Rohilla and the War of Independence Archived 15 जुलाई 2019 at the वेबैक मशीन. The News International, Published 13 June 2016, Retrieved 3 January 2018
  2. Rohilla chieftain Khan Bahadur Khan on GoogleBooks website Retrieved 3 June 2018