क्वेटा
क्वेटा
| |||
|---|---|---|---|
| महानगर | |||
मीरी क़िला | |||
| |||
| उपनाम: पाकिस्तान का फलोद्यान | |||
| निर्देशांक: 30°11′45″N 67°1′2″E / 30.19583°N 67.01722°E | |||
| देश | |||
| प्रांत | |||
| डिवीजन | क्वेटा | ||
| ज़िला | क्वेटा | ||
| बसावट | 1876 | ||
| शासन | |||
| • प्रणाली | नगर निगम[1] | ||
| • आयुक्त | मुहम्मद हमज़ा शफ़्क़ात[2] | ||
| • उपायुक्त | साद बिन असद[2] | ||
| क्षेत्रफल | |||
| • महानगर | 3501 किमी2 (1,352 वर्गमील) | ||
| • महानगर | 3501 किमी2 (1,352 वर्गमील) | ||
| ऊँचाई | 1,680 मी (5,510 फीट) | ||
| जनसंख्या (2023)[3] | |||
| • महानगर | 15,65,546 | ||
| • पद | 9वाँ (पाकिस्तान) प्रथम (बलूचिस्तान) | ||
| • घनत्व | 450 किमी2 (1,200 वर्गमील) | ||
| वासीनाम | क्वेटावाल | ||
| समय मण्डल | PKT (यूटीसी+05:00) | ||
| डाक कोड | 87300 | ||
| दूरभाष कोड | 081 | ||
| वेबसाइट | www | ||
क्वेटा या कोयटा (उर्दू: کوئٹَہ, अंग्रेज़ी: Quetta), पूर्व नाम शालकोट[4], पाकिस्तान के प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी है तथा यह पाकिस्तान का नौवां सबसे बड़ा शहर है। इस शहर को पाकिस्तान का 'फलों का बग़ीचा' भी कहा जाता है क्योंकि यह शहर चारों ओर से फलों के बगीचों से घिरा है और यहां फलों और सूखे मेवों का उत्पादन, बड़े पैमाने पर किया जाता है। अपनी सुंदरता और भौगोलिक स्थिति के कारण अतीत में इस शहर को 'छोटा पेरिस' के रूप से भी जाना जाता था। समुद्रतल से क्वेटा की औसत ऊंचाई 1,680 मीटर (5,510 फुट) है जिस कारण यह पाकिस्तान का उच्च ऊंचाई पर स्थित एकमात्र प्रमुख शहर है। अनुमानत: शहर की आबादी लगभग 1140000 है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के निकट उत्तर पश्चिमी बलूचिस्तान में स्थित, क्वेटा दोनों देशों के बीच व्यापार और संचार का केन्द्र है। शहर बोलन दर्रे के मार्ग पर स्थित है जो अतीत में दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के बीच एकमात्र प्रवेशद्वार था। समय समय पर होने वाले अफगानी संघर्ष में क्वेटा ने पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के लिए सैन्य रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नामव्युत्पत्ति
[संपादित करें]क्वेटा नाम पश्तो शब्द क्वालकोट (کولکوټ; अर्थ: "क़िला") से व्युत्पन्न है।[5]
परिचय
[संपादित करें]क्वेटा उत्तरपश्चिम पाकिस्तान में लगभग ५,५०० फुट ऊँचाई पर स्थित नगर। यह बिलोचिस्तान जिले का मुख्य नगर है। इस नाम के मूल में 'क्वात-कोट' है और स्थानीय लोग इसे 'शलकोट' कहते हैं। गर्मी में गर्म दिन और ठंढी रातें होती हैं। जाड़े का ताप प्राय: १८० सें. से नीचे रहता है। वार्षिक वर्षा का औसत १० इंच है। प्रसिद्ध बोलन दर्रे पर स्थित होने से इसका सैनिक महत्व रहा है। १८७६ ई. में जब सर राबर्ट संडेमन ने वहाँ रेजीडेंसी स्थापित की तब उसे महत्व प्राप्त हुआ। इससे पूर्व वह एक छोटा सा बाजार था और कुछ मिट्टी के घर तथा छिटपुट बगीचे थे। यहाँ १९०७ में एक सैनिक स्कूल खोला गया और यह पश्चिमी अफगानिस्तान, पूर्वी ईरान और अधिकांश मध्य एशिया से व्यापार का केंद्र बना और इसे रेलमार्ग से जोड़ा गया। १९३५ में यह नगर एक भीषण भूकंप में प्राय: एकदम नष्ट हो गया था। इस भूकंप से मरे लोगों की संख्या २० से ४० हजार के बीच आँकी गई थी। १९५५ में यहाँ दुबारा भूकंप आया था।
आजकल यहाँ पाकिस्तान का सबसे बड़ा सैनिक अड्डा तथा सैनिक शिक्षालय है और रेलों के द्वारा यह अफगानिस्तान तथा ईरान की सीमा से जुड़ा है। पाकिस्तान के अन्य नगरों को यहाँ से सड़कें जाती हैं। यहाँ मुख्यत: ताजे और सुखे मेवे, फल, जड़ी बूटी और खाल का व्यवसाय होता है।

बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Government Organization – Government of Balochistan". balochistan.gov.pk. 7 February 2017 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 6 September 2016.
- 1 2 "Quetta sit-in continues as talks break down". Daen (newspaper). 13 December 2023. 19 December 2023 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 19 December 2023.
- ↑ (2017) DISTRICT WISE CENSUS RESULTS CENSUS 2017. Pakistan Bureau of Statistics, पृ॰ 13. (Report). Archived 2017-08-29 at the वेबैक मशीन
- ↑ Thornton, Thomas Henry (1895). Colonel Sir Robert Sandeman: His Life and Work on Our Indian Frontier. A Memoir, with Selections from His Correspondence and Official Writings (अंग्रेज़ी भाषा में). J. Murray.
- ↑ Everett-Heath, John (24 October 2019), "Quetta", The Concise Oxford Dictionary of World Place Names, Oxford University Press, डीओआई:10.1093/acref/9780191882913.001.0001, ISBN 978-0-19-188291-3, 4 September 2021 को मूल से पुरालेखित, अभिगमन तिथि: 4 September 2021