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क्वार्क तारा

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क्वार्क तारा (अंग्रेज़ी: Quark star), जिसे कभी-कभी स्ट्रेंज स्टार भी कहा जाता है, खगोल भौतिकी में एक काल्पनिक प्रकार का 'विदेशी सघन तारा' है। इसका निर्माण तब होता है जब एक अत्यधिक भारी न्यूट्रॉन तारा अपने ही भारी गुरुत्वाकर्षण के कारण पतन के एक और चरण से गुजरता है। इस चरम दबाव में, न्यूट्रॉन के भीतर मौजूद मूलभूत कण-जिन्हें 'क्वार्क' कहा जाता है-अपने नाभिकीय बंधनों से मुक्त हो जाते हैं और एक घने 'क्वार्क सूप' का निर्माण करते हैं। यद्यपि ये तारे अभी तक पूरी तरह से प्रमाणित नहीं हुए हैं, लेकिन सैद्धांतिक भौतिकी में ये न्यूट्रॉन तारे और ब्लैक होल के बीच की एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती अवस्था माने जाते हैं।[1][2]

निर्माण और 'अवस्था संक्रमण'

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एक सामान्य न्यूट्रॉन तारा 'न्यूट्रॉन अपभ्रष्टता दबाव' द्वारा अपने गुरुत्वाकर्षण को संतुलित रखता है। न्यूट्रॉन स्वयं तीन क्वार्क (दो 'डाउन' और एक 'अप' क्वार्क) से बने होते हैं, जो 'प्रबल नाभिकीय बल' द्वारा मजबूती से बंधे होते हैं।

यदि इस तारे का द्रव्यमान बढ़ता है (उदाहरण के लिए, किसी साथी तारे से पदार्थ खींचकर), और यह टोलमैन-ओपेनहाइमर-वोल्कॉफ सीमा के बहुत करीब पहुँच जाता है, तो इसके केंद्र का दबाव अकल्पनीय स्तर तक बढ़ जाता है। इस अत्यधिक दबाव में, क्वांटम क्रोमोडायनामिक्स के नियमों के अनुसार, न्यूट्रॉन के बीच की सीमाएं टूट जाती हैं। इसे 'अवस्था संक्रमण' कहा जाता है। न्यूट्रॉन पिघल जाते हैं, और उनके भीतर के क्वार्क एक निरंतर, तरल जैसी अवस्था में स्वतंत्र रूप से बहने लगते हैं, जिसे 'क्वार्क पदार्थ' कहा जाता है।[3][4]

क्वार्क तारों के सिद्धांत में सबसे आकर्षक अवधारणा विलक्षण क्वार्क पदार्थ की है। 1984 में प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी एडवर्ड विटेन ने प्रस्ताव दिया कि जब अप और डाउन क्वार्क का सूप अत्यधिक घने वातावरण में बनता है, तो वह ऊर्जा के दृष्टिकोण से अस्थिर होता है।[5]

अपनी ऊर्जा को कम करने (अधिक स्थिर होने) के लिए, इनमें से आधे डाउन क्वार्क एक तीसरे प्रकार के क्वार्क-स्ट्रेंज क्वार्क-में बदल जाते हैं। यह नया अप, डाउन और स्ट्रेंज क्वार्क का सममित मिश्रण ब्रह्मांड में पदार्थ की "सबसे स्थिर अवस्था" हो सकता है। यदि ऐसा है, तो एक क्वार्क तारा लोहे से भी अधिक स्थिर होगा।[6]

भौतिक विशेषताएँ और संभावित उम्मीदवार

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  • आकार और घनत्व: चूँकि क्वार्क पदार्थ न्यूट्रॉन पदार्थ से अधिक सघन होता है, एक क्वार्क तारा समान द्रव्यमान वाले न्यूट्रॉन तारे से आकार में छोटा होगा। एक सामान्य न्यूट्रॉन तारे का व्यास 10-15 किमी होता है, जबकि क्वार्क तारे का व्यास केवल 8-10 किमी हो सकता है।
  • कोई क्रस्ट नहीं: न्यूट्रॉन तारों की तरह इनका कोई स्पष्ट ठोस बाहरी आवरण नहीं होता; ये सतह से लेकर केंद्र तक क्वार्क पदार्थ के एक ही विशाल "परमाणु" की तरह होते हैं।[7]

संभावित उम्मीदवार: खगोलविदों ने कुछ ऐसे सघन पिंड खोजे हैं जो न्यूट्रॉन तारे होने के लिए "बहुत छोटे" या "बहुत ठंडे" प्रतीत होते हैं।

  • RX J1856.5-3754: शुरुआत में इसे एक क्वार्क तारा माना गया था क्योंकि इसका अनुमानित आकार बहुत छोटा था, हालाँकि बाद के अवलोकनों ने इसे न्यूट्रॉन तारे के करीब बताया।
  • 3C 58: यह एक पल्सर है जो बहुत तेज़ी से ठंडा हो रहा है। न्यूट्रॉन तारे के मॉडल इस तेज़ी से ठंडे होने की व्याख्या नहीं कर पाते, जिससे कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि इसका कोर क्वार्क पदार्थ का हो सकता है।

सन्दर्भ

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  1. Ivanenko, D. D.; Kurdgelaidze, D. F. (1965). "Hypothesis concerning quark stars". Astrophysics. 1 (4): 251–252. डीओआई:10.1007/BF01042830.
  2. "These Stars Are Like Nothing Else You'll Ever See"
  3. Glendenning, Norman K. (2000). Compact Stars: Nuclear Physics, Particle Physics, and General Relativity. Springer Science & Business Media. pp. 315–325. ISBN 978-0387989778.
  4. "Strongly interacting matter exhibits deconfined behavior in massive neutron stars"
  5. "Fastest spinning star may have exotic heart"
  6. Witten, Edward (1984). "Cosmic separation of phases". Physical Review D. 30 (2): 272–285. डीओआई:10.1103/PhysRevD.30.272.
  7. Weber, Fridolin (2005). "Strange quark matter and compact stars". Progress in Particle and Nuclear Physics. 54 (1): 193–288. डीओआई:10.1016/j.ppnp.2004.07.001.

बाहरी कड़ियाँ

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