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क्रोहन रोग

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क्रोहन रोग
अन्य नामक्षेत्रीय आंत्रशोथ
विशेषज्ञता क्षेत्रगैस्ट्रोएंटरोलॉजी
जटिलताआंत्र रुकावट, फिस्टुला, कुपोषण, आंतों में अल्सर
कारणअज्ञात (आनुवंशिक, पर्यावरणीय और प्रतिरक्षा प्रणाली के कारकों का संयोजन)
चिकित्साकॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, इम्यूनोसप्रेसेन्ट्स, जैविक दवाएं, शल्य चिकित्सा

क्रोहन रोग, जिसे क्षेत्रीय आंत्रशोथ भी कहा जाता है, एक प्रकार का दीर्घकालिक सूजन संबंधी आंत्र रोग है। यह रोग पाचन तंत्र के अस्तर में गंभीर सूजन का कारण बनता है। क्रोहन रोग पाचन तंत्र में मुंह से लेकर गुदा तक किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह सबसे अधिक छोटी आंत के अंतिम भाग (इलियम) और बड़ी आंत (कोलन) के शुरुआती हिस्से को प्रभावित करता है।[1] इस बीमारी का नाम प्रसिद्ध अमेरिकी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. बुरिल बी. क्रोहन के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1932 में अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर पहली बार इस बीमारी का विस्तृत और चिकित्सकीय वर्णन किया था।

इस बीमारी के लक्षण हर मरीज में अलग-अलग हो सकते हैं, जो हल्के से लेकर अत्यंत गंभीर तक हो सकते हैं। ये लक्षण समय-समय पर अचानक उभर सकते हैं या लंबे समय तक शांत भी रह सकते हैं। क्रोहन रोग के मुख्य लक्षणों में पेट में गंभीर दर्द और ऐंठन, लगातार दस्त (कभी-कभी मल में खून आना), अत्यधिक थकान, हल्का बुखार और अचानक वजन कम होना शामिल हैं।[2] आंतों में पुरानी सूजन के कारण आंतों की दीवारें मोटी हो सकती हैं, जिससे भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा उत्पन्न होती है। इसके परिणामस्वरूप रोगी कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) का शिकार हो सकता है। कुछ गंभीर मामलों में यह रोग आंतों में रुकावट, फिस्टुला या गहरे अल्सर का कारण भी बन सकता है, जिसके लिए तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।

चिकित्सा विज्ञान में अभी तक क्रोहन रोग का कोई सटीक कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन आधुनिक शोधों के अनुसार यह आनुवंशिक, पर्यावरणीय और प्रतिरक्षा प्रणाली की शिथिलता का एक जटिल संयोजन माना जाता है।[3] जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पाचन तंत्र में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया या भोजन के प्रति असामान्य रूप से प्रतिक्रिया करती है, तो यह आंतों में स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला कर देती है, जिससे सूजन पैदा होती है। वर्तमान में क्रोहन रोग का कोई पूर्ण या स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि, विभिन्न चिकित्सा उपचारों की मदद से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उपचार के विकल्पों में सूजन को कम करने वाली दवाएं (कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स और इम्यूनोसप्रेसेन्ट्स), जैविक उपचार और जीवनशैली एवं आहार में बदलाव शामिल हैं। यदि दवाएं प्रभावी नहीं होती हैं या आंत में कोई गंभीर क्षति होती है, तो क्षतिग्रस्त हिस्से को निकालने के लिए शल्य चिकित्सा का सहारा लिया जाता है।

सन्दर्भ

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  1. "Crohn's disease - Symptoms and causes". Mayo Clinic.
  2. "Overview - Crohn's disease". NHS (National Health Service, UK).
  3. "Symptoms & Causes of Crohn's Disease". National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK).

बाहरी कड़ियाँ

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