क्रांजबर्ग के प्रौद्योगिकी के नियम

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मेलिन क्रांजबर्ग (Melvin Kranzberg) ने छ: "प्रौद्योगिकी के नियम" प्रतिपादित किये हैं जो निम्नवत् हैं-

प्रथम - प्रौद्योगिकी न अच्छा है, न बुरा और न ही तटस्थ (neutral)।
द्वितीय - अनुसंधान, आवश्यकता की जननी है।
तृतीय - प्रौद्योगिकी छोटे-बड़े पैकेजों के रूप में आती है।
चतुर्थ - यद्यपि बहुत से लोहहित के मुद्दों में प्रौद्योगिकी प्रमुख अवयव (prime element) होती है किन्तु प्रौद्योगिकि-नीति सम्बन्धी निर्णय लेते समय गैर-तकनीकी बातों को अधिक महत्व दे दिया जाता है।
पंचम - सारा इतिहास महत्वपूर्ण (relevant) है किन्तु प्रौद्योगिकी का इतिहास सबसे महत्वपूर्ण है।
षष्टम् - प्रौद्योगिकी बहुत ही मानवीय क्रियाकलाप (human activity) है; इसी तरह प्रौद्योगिकी का इतिहास भी मानवीय क्रियाकलाप है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

Taken from Kranzberg, Melvin (1986) Technology and History: "Kranzberg's Laws", Technology and Culture, Vol. 27, No. 3, pp. 544–560.