कोलकाता में यातायात

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वी.आई.पी मार्ग, शहर को हवाई अड्डे से जोड़ता एक व्यस्त मार्ग
भारत में एकमात्र कोलकाता शहर में ट्राम चलती हैं।
विद्यासागर सेतु कोलकाता को हावड़ा से जोड़ता है

कोलकाता में जन यातायात कोलकाता उपनगरीय रेलवे, कोलकाता मेट्रो, ट्राम और बसों द्वारा उपलब्ध है। व्यापक उपनगरीय जाल सुदूर उपनगरीय क्षेत्रों तक फैला हुआ है। भारतीय रेल द्वारा संचालित कोलकाता मेट्रो भारत में सबसे पुरानी भूमिगत यातायात प्रणाली है।[1] ये शहर में उत्तर से दक्षिण दिशा में हुगली नदी के समानांतर शहर की लंबाई को १६.४५ कि.मी. में नापती है। यहां के अधिकांश लोगों द्वारा बसों को प्राथमिक तौर पर यातायात के लिए प्रयोग किया जाता है। यहां सरकारी एवं निजी ऑपरेटरों द्वारा बसें संचालित हैं। भारत में कोलकाता एकमात्र शहर है, जहाँ ट्राम सेवा उपलब्ध है। ट्राम सेवा कैल्कटा ट्रामवेज़ कंपनी द्वारा संचालित है।[2] ट्राम मंद-गति चालित यातायात है, व शहर के कुछ ही क्षेत्रों में सीमित है। मानसून के समय भारी वर्षा के चलते कई बार लोक-यातायात में व्यवधान पड़ता है।[3][4]

भाड़े पर उपलब्ध यांत्रिक यातायात में पीली मीटर-टैक्सी और ऑटो-रिक्शॉ हैं। कोलकाता में लगभग सभी पीली टैक्सियाँ एम्बेसैडर ही हैं। कोलकाता के अलावा अन्य शहरों में अधिकतर टाटा इंडिका या फिएट ही टैसी के रूप में चलती हैं। शहर के कुछ क्षेत्रों में साइकिल-रिक्शा और हाथ-चालित रिक्शा अभी भी स्थानीय छोटी दूरियों के लिए प्रचालन में हैं। अन्य शहरों की अपेक्षा यहां निजी वाहन काफ़ी कम हैं। ऐसा अनेक प्रकारों के लोक यातायात की अधिकता के कारण है।[5] हालांकि शहर ने निजी वाहनों के पंजीकरण में अच्छी बड़ोत्तरी देखी है। वर्ष २००२ के आंकड़ों के अनुसार पिछले सात वर्षों में वाहनों की संख्या में ४४% की बढ़त दिखी है।[6] शहर के जनसंख्या घनत्व की अपेक्षा सड़क भूमि मात्र ६% है, जहाँ दिल्ली में यह २३% और मुंबई में १७% है। यही यातायात जाम का मुख्य कारण है।[7] इस दिशा में कोलकाता मेट्रो रेलवे तथा बहुत से नये फ्लाई-ओवरों तथा नयी सड़कों के निर्मान ने शहर को काफ़ी राहत दी है।

कोलकाता में दो मुख्य लंबी दूरियों की गाड़ियों वाले रेलवे स्टेशन हैं- हावड़ जंक्शन रेलवे स्टेशन और सियालदह रेलवे स्टेशन। कोलकाता नाम से एक नया स्टेशन २००६ में ही बनाया गया है।[8] खोलकाता शहर भारतीय रेलवे के दो मंडलों का मुख्यालय है – पूर्वी रेलवे (भारत) और दक्षिण पूर्वी रेलवे (भारत[9]

शहर के विमान संपर्क हेतु नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा दम दम में स्थित है। यह विमानक्षेत्र शहर के उत्तरी छोर पर है व यहां से दोनों, अन्तर्देशीय और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानें चलती हैं। यह नगर पूर्वी भारत का एक प्रधान बंदरगाह है। कोलकाता पोर्ट न्यास ही कोलकाता पत्तन और हल्दिया पत्तन का प्रबंधन करता है।[10] यहां से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पोर्ट ब्लेयर के लिये यात्री जहाज और भारत के अन्य बंदरगाहों तथा विदेशों के लिए भारतीय शिपिंग निगम के माल-जहाज चलते हैं। यहीं से कोलकाता के द्वि-शहर हावड़ा के लिए फेरी-सेवा भी चलती है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "About Kolkata Metro". Kolkata Metro. अभिगमन तिथि 2007-09-01.
  2. "Intra-city train travel". reaching India. Times Internet Limited. अभिगमन तिथि 2007-08-31.
  3. "HC admits PIL on waterlogging". Times of India. Times Internet Limited. 11 जुलाई 2007. अभिगमन तिथि 2007-07-18.
  4. "Rain abates, but water logging paralyses normal life in Kolkata". dailyindia.com. DailyIndia.com. 4 जुलाई 2007. अभिगमन तिथि 2007-07-18.
  5. "Table E2 Registered Motor Vehicles in Million-plus Cities,1991 to 1996 (As on 31 March)". National Institute of Urban Affairs. मूल से 2005-02-19 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2006-04-26.
  6. "Traffic Accident Characteristics of Kolkata" (PDF). UNESCAP. अभिगमन तिथि 2006-07-05.
  7. "Call to ensure traffic discipline in Kolkata". द हिन्दू बिज़नस लाइन. 2004-09-05. अभिगमन तिथि 2006-04-26.
  8. "New station flag-off- Amenities added". The Telegraph. 2006-02-20. अभिगमन तिथि 2007-09-02.
  9. "Geography : Railway Zones". IRFCA.org. Indian Railways Fan Club. अभिगमन तिथि 2007-08-31.
  10. "Salient Physical Features". Kolkata Port Trust. Kolkata Port Trust, भारत. अभिगमन तिथि 2007-06-09.