एरागॉन की कैथरीन

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एरागॉन की कैथरीन
लुकास हॉर्नबोल्ट द्वारा चित्रित
इंग्लैंड की पटरानी
शासनकाल 11 जून 1509 – 23 मई 1533
राज्याभिषेक 24 जून 1509
जीवनसाथी आर्थर, वेल्स का राजकुमार
(वि. 1501–02; उसकी मृत्यु)
हेनरी अष्टम
(वि. 1509; अल. 1533)
संताने
इंग्लैंड की मैरी प्रथम
राजघराना त्रास्तामारा का राजघराना
पिता एरागॉन का फर्डीनंड द्वितीय
माता कैस्टिले की इसाबेल प्रथम
जन्म 16 दिसम्बर 1485
आर्चबिशप का महल, एल्काला डी हेनारेस, स्पेन का साम्राज्य
मृत्यु 7 जनवरी 1536(1536-01-07) (उम्र 50)
किमबोल्टन किला, किमबोल्टन, कैम्ब्रिज़शायर, इंग्लैंड का साम्राज्य
कब्र पीटरबोरो कैथेड्रल, पीटरबोरो , इंग्लैंड का साम्राज्य
हस्ताक्षर
धर्म रोमन कैथोलिक

एरागॉन की कैथरीन (कैस्टिलियाई: कैटालीना; ऐसे भी लिखते हैं Katherine of Aragon, 16 दिसम्बर 1485 – 7 जनवरी 1536) जून १५०९ से मई १५३३ ई॰ तक हेनरी अष्टम की पहली पत्नी के तौर पर इंग्लैंड की पटरानी थीं। रानी बनने से पहले वह हेनरी के बड़े भाई आर्थर की पत्नी के तौर पर वेल्स की राजकुमारी रह चुकी थीं।

कैस्टिले की इसाबेल प्रथम और एरागॉन के राजा फर्डीनंड द्वितीय की बेटी कैथरीन का तीन वर्ष की उम्र में अंग्रेजी सिंहासन के उत्तराधिकारी व हेनरी सप्तम के पुत्र आर्थर के साथ विवाह तय कर दिया गया था। उनकी शादी सन 1501 में हुई और आर्थर पांच महीने बाद ही मर गया। यूरोपीय इतिहास में पहली महिला राजदूत बनने वाली कैथरीन को 1507 ई॰ में इंग्लैंड में स्पेन के राजदूत का दर्ज़ा मिला। [1] इसके बाद कैथरीन ने आर्थर के छोटे भाई और 1509 में राजा बने हेनरी सप्तम से विवाह कर लिया। 1513 ई॰ में छ: महीनों के लिये जब हेनरी फ्रांस की यात्रा पर थे तब उन्होंने इंग्लैंड का शासन भी संभाला था। उस वक्त इंग्लैंड ने फ्लॉडॅन का युद्ध जीता जिसमें कैथरीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।[2]

1525 तक हेनरी रानी की परिचारिका ऐनी बोलिन के प्रति आसक्त हो चुका था और कोई जीवित पुरूष संतान ना पैदा कर पाने की वजह से कैथरीन से अलग होना चाहता था। आरंभ में तो दोनों का दांपत्य जीवन सुखद रहा, पर शीघ्र ही राजनीति उसके आड़े आई। हेनरी व ऐन द्वारा उसके विवाहविच्छेद के अनेक प्रयास किए गए और २३ मई १५३३ को अंतत: आर्कविशप थॉमस क्रैनमर ने उसके विवाह को अवैध घोषित किया और १० अगस्त को वह रानी के पद से वंचित कर दी गई। हेनरी अष्टम ने एनी बोलेन से विवाह कर लिया था। फलत: कैथरीन धार्मिक जीवन व्यतीत करने लगी। साथ ही आजीवन वह अपने विवाह की अवैधता तथा एनी बोलेन के शिशु के राज्याधिकार की वैधता स्वीकार कर लेने से इनकार करती रही। फलत: उसे मार डालने की धमकी दी जाने लगी और उससे उसकी बेटी मेरी छीन ली गई और उसे किमबोल्टन के किले में नज़रबंद कर दिए गया। एक रानी को मिलने वाले सभी अधिकार उससे छीन लिये गये, एकाकी जीवन व्यतीत करते हुए फलत: उसका स्वास्थ्य खराब हो गया और ८ जनवरी १५३६ को उसकी मृत्यु हुई। वह अपनी प्रजा के बीच एक बेहद लोकप्रिय रानी थी और उसकी दुखद परिस्थियों में हुई मृत्य ने अंग्रेजी प्रज़ा को घोर निराशा और दुख में डाल दिया।[3]

जुआन लुईस वाइव्स द्वारा लिखित विवादास्पद पुस्तक द एज़ुकेशन ऑफ़ क्रिस्चियन वूमेन, जो महिला के शिक्षा अधिकारों की वकालत करती है कैथरीन को ही समर्पित थी और उन्होंने ही उसका विमोचन किया था। कैथरीन के व्यक्तित्व का प्रभाव आमजन पर इतना गहरा था कि उनके दुश्मन थॉमस क्रॉमवेल ने एक बार कहा कि अगर महिला होने की बात छोड़ दी जाए तो वो इतिहास के सभी नायकों से श्रेष्ठ साबित होंगी

"If not for her sex, she could have defied all the heroes of History."

[4] उन्होंने सफलतापूर्वक शैतानी मई दिवस (एविल मे डे) में भाग लेने वालों के लिये उनके परिवारों की खातिर क्षमा याचना की।[5] गरीबों के लिये जनसेवा के विभिन्न नि:शुल्क कार्यक्रम शुरु करने के लिये उन्हें पूरे साम्राज्य में बहुत ख्याति मिली। [6][5] वह मानवतावाद की प्रमुख पक्षधर और प्रख्यात विद्वानों तोटेरडम का इरासमस और थॉमस मोर की मित्र भी थीं।[6]

सन्दर्भ[संपादित करें]