कैडबरी डेयरी मिल्क

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

कैडबरी डेयरी मिल्क 1,900 करोड़ रुपये वाले भारतीय चॉकलेट के बाजार में अपनी 70 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ ऐसे लोगों को लुभाने की भरसक कोशिश कर रही है जिन्होंने कभी चॉकलेट का स्वाद नहीं लिया था। 1,500 करोड़ रुपये के इस खेल में कैडबरी कीमतों पर भी बढ़िया खेल रही है। उसकी उत्पाद शृंखला में 2 रुपये की मिल्क शॉट्स से लेकर 75 रुपये की बोर्नविले डार्क चॉकलेट का पैक भी शामिल है। यही वजह है कि हर साल कंपनी का राजस्व 25 प्रतिशत की दर के साथ कैसे बढ़ रहा है।

व्यापारिक रुकावटें[संपादित करें]

1998 से 2002 का वक्त था जब ब्रांड ने सभी अवरोधकों को तोड़ दिया। तब कैडबरी ने 5 रुपये की डेयरी मिल्क पेश और अपने वितरण को छोटे कस्बों तक बढ़ा लिया। इसके बाद 2003 में कंपनी की बिक्री 20 प्रतिशत से अधिक गिर गई। चॉकलेटों में कीड़ों के पाए जाने की बात उठी थी मगर अब व्यापार ज़ोर पकड़ रहा है।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]