के. एस. चंद्रशेखरन
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| कोमारावलु चन्द्रशेखरन् | |
|---|---|
| चित्र:File:ETH-BIB-Chandrasekharan, Komaravolu (1920-2017)-Portr 13519.tif | |
| जन्म |
21 नवम्बर 1920 Bapatla, गुंटुर जिला, भारत) |
| मृत्यु |
13 अप्रैल 2017 (उम्र 96 वर्ष) जुरिच, स्विटजरलैंड |
| नागरिकता | भारतीय |
| क्षेत्र | संख्या सिद्धान्त |
| संस्थान | TIFR, ETH Zurich |
| शिक्षा | मद्रास विश्वविद्यालय |
| डॉक्टरी सलाहकार | के० आनन्द राउ |
| डॉक्टरी शिष्य |
सी एस शेषाद्रि एम एस नरसिंहन् |
| प्रसिद्धि | प्रशासकीय बुद्धि, गणित, वैश्लेषिक संख्या सिद्धान्त एवं गणितीय विश्लेषण |
| उल्लेखनीय सम्मान | श्रीनिवास रामानुजन मेडल (1966), पद्मश्री (1959), गणितीय विज्ञान के लिये शान्ति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (1963) |
कोमारावलु चंद्रशेखरन (21 नवंबर 1920-13 अप्रैल 2017) एक गणितज्य एवं शिक्षाविद थे। वे ईटीएच ज्यूरिख में प्रोफेसर रहे और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर) के स्कूल ऑफ मैथमैटिक्स के संस्थापक संकाय सदस्य थे।[1] उन्हें संख्या सिद्धांत और योगात्मकता (summability.) में उनके काम के लिए जाना जाता है। उन्हें पद्मश्री, शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार और रामानुजन पदक प्रदान किया गया था। वे टीआईएफआर के मानद सदस्य थे। वे 1971 से 1974 तक अंतर्राष्ट्रीय गणितीय संघ (आई. एम. यू.) के अध्यक्ष रहे।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Some Famous Indian Scientists" (PDF). Mumbai, India: Tata Institute of Fundamental Research, Science Popularisation and Public Outreach Committee. 14 November 2004. p. 12. अभिगमन तिथि: 26 May 2009.