केन्द्रीय कांच एवं सिरामिक अनुसन्धान संस्थान
केन्द्रीय कांच एवं सिरामिक अनुसंधान संस्थान | |
| प्रकार | शोध संस्थान |
|---|---|
| स्थापित | 1950 |
| निदेशक | के मुरलीधरन [1] |
| स्थान | कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत |
| जालस्थल | www |
केन्द्रीय कांच एवं सिरामिक अनुसंधान संस्थान (सीजीसीआरआई) भारत की कांच एवं सिरामिक से सम्बन्धित अनुसंधान की प्रमुख प्रयोगशाला है। यह पश्चिम बंगाल के यादवपुर (जादवपुर) में स्थित है। यह वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के अन्तर्गत है। इसका उद्देश्य कांच, सिरामिकी एवं संबन्धित पदार्थों के क्षेत्र में वैज्ञानिक-औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास करना है ताकि देश की जनता को अधिकतम आर्थिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक लाभ मिल सके। आरंभिक चरण में देश में उपलब्ध खनिज संसाधनों का पता लगाना एवं विशेष उत्पादों के विकास में उनका उपयोग करना ही मुख्य उद्देश्य था।
इस संस्थान ने सन् 1944 में सीमित रूप में काम करना आरंभ तो कर दिया था परंतु औपचारिक रूप से इसका उद्घाटन 26 अगस्त 1950 को किया गया। आरंभिक समय में यह सेन्ट्रल ग्लास एण्ड सिलिकेट रिसर्च इंस्टट्यूट के नाम से बना था और यह संस्थान वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुससंधान परिषद के अंतर्गत आरंभ की गई सबसे पहली चार प्रस्तावित प्रयोगशालाओंमें से एक है। अन्य तीन प्रयोगशालाएं हैं एन.सी.एल.-पुणे, एन.पी.एल-नई दिल्ली एवं सीएफआरआई-धनबाद।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]- डॉ आत्माराम - संस्थान के प्रथन निदेशक
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- ↑ "CGCRI director". cgcri.res.in. मूल से से 20 अप्रैल 2014 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 19 April 2014.