केन्द्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान

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केन्द्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इन्स्टीच्यूट(सीएमपीडीआई)) भारत सरकार का एक उद्यम है, जिसका कारपोरेट मुख्यालय रांची में स्थित है। यह कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी है एवं यह एक अनुसूची-बी कंपनी है। वर्ष 2009 के मई से यह एक मिनीरत्न (श्रेणी-२) कंपनी है, तथा वर्ष 1998 के मार्च में इसे आईएसओ 9001 प्रमाण पत्र दिया गया है।

इतिहास[संपादित करें]

सीएमपीडीआई की परिकल्पना मूल रूप से 1972 में की गई थी तथा संपूर्ण भारतीय खनन उद्योग, जो उस समय अल्प विकसित योजना प्रणाली पर कार्यरत था, के लिए एक छत के नीचे कार्य करने हेतु एक सर्व समावेशी योजना संगठन का प्रस्ताव पोलैण्ड के विशेषज्ञों के साथ एक युग्म, अध्ययन दल द्वारा दिया गया था। यह वह समय था जब भारत में आने वाले वर्षों में तीव्र औद्योगिक विकास की जरूरतों को पूरा करने हेतु ऊर्जा की तेजी से वृद्धि के लिए अवलम्बन उपलब्ध करने हेतु कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया जा रहा था।

वर्ष 1973 के दिसम्बर माह में भारत सरकार ने सीएमपीडीआई की रचना से संबंधित प्रस्ताव को इसके क्रिया-कलापों की सीमा को राष्ट्रीयकृत कोयला उद्योग तक ही सीमित रखते हुए स्वीकृत किया क्योंकि उस समय वैज्ञानिक खनन की जरूरत कोयला खनन के क्षेत्र में सर्वाधिक थी।

वर्ष 1974 में सीएमपीडीआई सद्य स्थापित कोल माइन्स आथरिटी लिमिटेड (सीएमएएल) के एक प्रभाग के रूप में करने लगा तथा बीते समय के नेशनल कोल डेबलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) का योजना खंड इसका नाभकीय क्षेत्र बन गया।

१ नवम्बर, 1975 के दिन कोल इंडिया की रचना हेतु सीएमएएल का विलय हो गया तथा सीएमपीडीआई अपने मेमोरेण्डम ऑफ़ एसोशियेसन के तहत घोषित कार्यक्षेत्र के साथ, जो कि मूल प्रस्ताव के अनुरूप ही है, सीआईएल के अन्तर्गत एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में प्रतिष्ठित हो गया।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]