केन्द्रापडा

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केन्द्रापडा
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य ओडिशा
ज़िला केन्द्रापडा
जनसंख्या 2,697[1] (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 13 मीटर (43 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: kendrapara.nic.in

Erioll world.svgनिर्देशांक: 20°30′N 86°25′E / 20.5, 86.42 ओडिशा के तुलसी क्षेत्र के नाम से विख्यात केन्द्रापडा चरखा मिलों के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि भगवान बलराम ने केन्द्रसुर का वध कर उसकी पुत्री से विवाह किया और यहीं बस गए। उड़ीसा के इस प्राचीन जिले में मनाया जाने वाला वार्षिक कार पर्व बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है। गोबरी नदी यहां से बहने वाली प्रमुख नदी है। 2546 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला यह जिला औल, भीतरकनिका वन्यजीव अभ्यारण्य, डांगामल और तामल सासन आदि पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।

प्रमुख आकर्षण[संपादित करें]

कनिका महल[संपादित करें]

यह महल केन्द्रापडा के वैभवशाली इतिहास का प्रतीक है। राजा राजेन्द्र नारायण भंजदेव ने इस महल की नींव 9 जून 1909 में डाली थी। इस महल का निर्माण कार्य दस साल में पूरा हुआ। महल में आज भी प्राचीन काल की झलक देखी जा सकती है।

भीतरकनिका[संपादित करें]

भीतरकनिका को 1975 में अभ्यारण्य घोषित किया गया था। इस अभ्यारण्य में पाई जाने वाली वनस्पतियां बंगाल के सुंदरवनों से काफी मिलती हैं। यहां टाईगरों के अलावा विभिन्न प्रकार के वन्यजीव पाए जाते हैं। अभ्यारण्य में कच्छ वनस्पतियों की करीब 600 किस्में देखी जा सकती हैं। केन्द्रापडा के समुद्र तटीय इलाकों में यह अभ्यारण्य 650 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला है। इसका विस्तार भाद्रक और जगतसिंहपुर जिलों तक है। पक्षी प्रेमियों के लिए भी यहां अनेक दुर्लभ प्रवासी पक्षियों को देखने अनेक अवसर हैं। अक्टूबर से मार्च की अवधि यहां आने के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है।

बलदेव जी मंदिर[संपादित करें]

केन्द्रापडा का यह मंदिर राजधानी भुवनेश्वर से 95 किमी. की दूरी पर है। तुलसी क्षेत्र के इस तीर्थ स्थल में पुरी के जगन्नाथ मंदिर के विधिपूर्व धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं। भगवान बलदेव की रथ यात्रा पुरी के कार पर्व के समान की लोकप्रिय है।

डांगालम[संपादित करें]

मगरमच्छों के लिए प्रसिद्ध डांगामल में बड़ी संख्या में मगरमच्छों को देखा जा सकता है। भीतरकनिका वन्यजीव पार्क में स्थित इस परियोजना की शुरूआत 1975 में लुप्‍त होते मगरमच्छों को बचाने के लिए की गई थी। डांगामल में ठहरने के लिए फॉरेस्ट गेस्ट हाउस की भी व्यवस्था है।

गहिरमथा कछुआ अभ्यारण्य[संपादित करें]

1997 में स्थापित इस कछुआ अभ्यारण्य को विश्व के सबसे बड़े कछुआ प्रजनन केन्द्र के रूम में विकसित किया गया है। यह कुल 1440 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैला है और भुवनेश्वर से करीब 179 किमी. दूर है।

तमला सासन[संपादित करें]

यह केन्द्रापडा जिले का प्रमुख धार्मिक केन्द्र है। औल, भीतरकनिका और डांगामल इसके निकटवर्ती दर्शनीय स्थल हैं।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

भुवनेश्वर विमानक्षेत्र यहां का सबसे करीबी एयरपोर्ट है जो देश के अनेक बड़े शहरों से वायुमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।

रेल मार्ग

भद्रक रेलवे स्टेशन केन्द्रापडा का नजदीकी रेलवे स्टेशन है। कटक रेलवे स्टेशन से भी आसानी से केन्द्रपाडा पहुंचा जा सकता है। भद्रक और कटक से बस या निजी वाहन द्वारा सरलता से केन्द्रापडा पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग

केन्द्रापडा ओडिशा और अनेक पड़ोसी राज्यों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है। अनेक शहरों से यहां के लिए नियमित बसें चलती रहती हैं।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "View Population - Karilo patana". Office of the Registrar General & Census Commissioner, India. http://www.censusindia.gov.in/PopulationFinder/View_Village_Population.aspx?pcaid=715834&category=VILLAGE. अभिगमन तिथि: 27 March 2012. 

साँचा:ओडिशा