केंद्रीय सचिवालय, हिंदी परिषद, नई दिल्ली

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स्थापना[संपादित करें]

केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद की स्थापना ३ मई १९६० को नई दिल्ली में हुई थी। इसके संस्थापक दूर-द्रष्टा स्व. श्री हरि बाबू कंसल थे।

उद्धेश्य[संपादित करें]

केन्द्रीय सरकारी कार्यालयों और सम्बद्ध कार्यालयों में हिन्दी भाषा और साहित्य के प्रति अभिरुचि उत्पन्न करना, हिन्दी को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करना तथा उस दिशा में किए जाने वाले कार्यों में सहयोग देना। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना।

कार्य[संपादित करें]

केन्द्रीय सरकारी कार्यालयों, भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों, जीवन बीमा, खादी ग्रामोद्योग तथा केन्द्रीय सरकार के अन्तर्गत निगमों और अन्य स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारी/अधिकारी इसके सदस्य बन सकते हैं। दिल्ली के अतिरिक्त देश के अनेक नगरों में सैंकड़ों शाखाएं स्थापित हो चुकी हैं, जिनमें हजारों सदस्य हैं। परिषद ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों के कर्मचारियों की सुविधा के लिए अनेक प्रकाशन निकाले हैं जिनकी सहायता से कार्यालयों में हिन्दी का प्रयोग बहुत आसान हो गया है। वैज्ञानिक और तकनीकी कार्य के लिए भी काफी साहित्य प्रकाशित कराया है। विभिन्न विभागों में प्रयुक्त होने वाली शब्दावलियों के दीवारों पर टांगे जाने वाले चार्ट और पुस्तिकाएं भी प्रकाशित की गई हैं।

केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों में हिन्दी प्रयोग के प्रति रुचि उत्पन्न करने की और उनकी प्रवीणता बढ़ाने की दृष्टि से हर वर्ष अखिल-भारतीय स्तर पर हिन्दी में टाइपिंग, आशुलिपि, टिप्पण तथा प्रारूप लेखन, व्यवहार, निबन्ध तथा वाक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती रही हैं। और इनमें सफलता प्राप्त करने वालों को विविध पदक, पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र आदि दिए जाते हैं। वैज्ञानिक तथा साहित्यिक गोष्ठियों, हिन्दी व्यवहार प्रदर्शिनियों, वैज्ञानिक तथा तकनीकी भाषण-माला आदि के आयोजन भी कराए जाते हैं। वैज्ञानिक तथा तकनीकी निबन्ध प्रतियोगिता द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने का प्रयास जारी है।

भारत सरकार के विभिन्न कार्यालयों में राजभाषा नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए हर समय सहयोग तथा सुझाव तो परिषद द्वारा दिए ही जाते हैं, साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग अथवा सम्मिलित गोष्ठियां आयोजित करके उनकी कठिनाइयों का व्यावहारिक हल निकालने का प्रयास भी किया जाता है। हिन्दी परिषद के सुझाव ठोस और सहस होते हैं इसीलिए उसे सभी स्तर के कार्यालयों में सभी भाषा-भाषी अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है।

अन्य कार्य[संपादित करें]

  • तकनीकी और वैज्ञानिक कार्यों में हिन्दी का प्रयोग बढ़ाने हेतु प्रयास,
  • भर्ती और विभागीय पदोन्नति की परीक्षाओं का माध्यम हिन्दी में कराने हेतु प्रयास,
  • विभिन्न तकनीकी परीक्षाओं का माध्यम हिन्दी कराने हेतु प्रयास।
  • केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद की हिन्दी को ही सरकारी कामकाज की मानक हिन्दी माना जाता है।

प्रकाशित पत्रिका[संपादित करें]

हिन्दी परिचय (द्विमासिक),

संपादक : श्री मोहन डबराल

पता : केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद्, एक्सवाई-६८, सरोजनी नगर, नई दिल्ली-११००२३