कृष्णा पूनिया

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कृष्णा पूनिया
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म 5 मई 1977 (1977-05-05) (आयु 41)
अग्रोहा, हरियाणा, भारत
ऊंचाई 1.86 मी॰ (6 फीट 1 इंच)
वज़न 79 कि॰ग्राम (174 पौंड; 12.4 स्टोन) (2013-Present)
खेल
देश Flag of India.svg भारत
खेल एथलेटिक्स
प्रतिस्पर्धा डिस्कस थ्रो
उपलब्धियाँ एवं खिताब
व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 64.76 m (वैलुकु 2012)
०७ जून २०१६ को अद्यतित।

कृष्णा पूनिया (अंग्रेजी :Krishna Poonia) (जन्म ०५ मई १९७७) एक भारतीय डिस्कस थ्रोअर है। इन्होंने ११ अक्टूबर २०१० में दिल्ली में आयोजित किये राष्ट्रमंडल खेलों में फाइनल मैच में क्लीन स्वीप कर ६१.५१ मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। इसके पश्चात २०११ में भारत सरकार ने नागरिक सम्मान में इन्हें पद्मश्री का पुरस्कार दिया गया था। [1]

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

कृष्णा पूनिया एक जाट परिवार से [2] अग्रोहा हिसार हरियाणा से है। [3][4][5] इन्होंने सन २००० में राजस्थान के चुरू ज़िले के गागर्वास गांव के रहने वाले वीरेन्द्र सिंह पूनिया से की थी। इनके पति जयपुर में भारतीय रेलवे में कार्यरत है। कृष्णाने अपनी पढ़ाई साइकोलॉजी में कनोडिया गर्ल्स कॉलेज जयपुर से की थी।

खेल जीवन[संपादित करें]

पूनिया ने २००६ में दोहा एशियन खेलों में कांस्य पदक जीता था। उस वक़्त इन्होंने चीन के ऐमीन सिंग को और मा झंउंजन को हराया था। कृष्णा पूनिया ने ४६वें ओपन नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था उस वक़्त इनकी (६०.१० मीटर की दूरी) थी इनका यह सबसे अच्छा प्रदर्शन था। 2008 बीजिंग ओलंपिक खेलों में भी पूनिया ने हिस्सा लिया था लेकिन फाइनल तक नहीं पहुंच पाई थीं। ०८ मई २०१२ में इन्होंने अपने कैरियर का सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए ६४.७६ मीटर में हवाई ,संयुक्त राष्ट्र संघ में विश्व रिकॉर्ड बनाया था। जो कि विश्व रिकॉर्ड रहा था।

२०१० राष्ट्रमंडल खेल[संपादित करें]

डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया भारत की पहली महिला एथलीट है जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता हो , जो कि २०१० में दिल्ली में आयोजित किया गया था। इसमें पूनिया ने क्लीन स्वीप किया था।

२०१२ लन्दन ओलंपिक[संपादित करें]

२०१२ में लन्दन में हुए ओलंपिक खेलों भी कृष्णा पूनिया ने शानदार प्रदर्शन किया था , जिसमें उनका सबसे अच्छा प्रयास ६३.६२ रहा था। [6][7]

राजनैतिक जीवन[संपादित करें]

पूनिया ने चुरू में एक चुनाव रैली में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में शामिल हुई थी। कृष्णा पूनिया ने अपने पति जो भारतीय रेलवे में कार्यरत थे उन्हें अपनी नौकरी छोड़ने को बोली और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में शामिल होने को कहा। इसके पश्चात उसने कांग्रेस पार्टी को स्वीकार लिया था।

पूनिया के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की सदस्य बनने के बाद राजगढ़ विधानसभा के कई गांवों का दौरा भी किया था तथा इसमें बालिकाओं को शिक्षा देने की भी बातें कही थीं।

सन्दर्भ[संपादित करें]