कृष्णकांत हन्दीक
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| कृष्णकांत हन्दीक | |
|---|---|
| पेशा | साहित्यकार |
| भाषा | असमिया भाषा |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| विषय | समालोचना |
| उल्लेखनीय कामs | कृष्णकांत हांदिकी रचना संभार |
कृष्णकांत हन्दीक (20 जुलाई 1898 – 7 जून 1982) असम के एक संस्कृत विद्वान, एक भारतविद् और परोपकारी व्यक्ति थे। उन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६७ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वो असम राज्य से थे।
इनके द्वारा रचित एक समालोचना कृष्णकांत हांदिकी रचना संभार के लिये उन्हें सन् 1985 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित(मरणोपरांत) किया गया।[1]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "अकादमी पुरस्कार". साहित्य अकादमी. मूल से से 15 सितंबर 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 11 सितंबर 2016.
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