कुश्ती (पारसी धर्म)

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
Navjote Yazdi.jpg

पारसी धर्म के सन्दर्भ में, कुश्ती कमर में पहनने वाली 'डोरी' है जिसे प्रत्येक ज़रथुस्त्र मतावलंबी "सूद्र" अथवा पवित्र कुर्ता के साथ धारणा करता है जो धर्म का बाह्य प्रतीक है। यह कमरबंद के रूप में बुनी जाती है। यस्न उत्सव के अवसर पर पूजा संबंधी "विस्पारद" नामक 23 अध्याय का ग्रंथ पढ़ा जाता है। इसके बाद संख्या में 23 "यश्तों" का संगायन किया जाता है जो स्तुति के गान हैं और जिनके विषय अहुरमज्द तथा अमेष-स्पेंत, जो दैवी ज्ञान एवं ईश्वर के विशेषण हैं और "यज़ता", पूज्य व्यक्ति जिनका स्थान अमेष स्पेंत के बाद हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]