कुशीनगर जिला

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कुशीनगर जिला ज़िला
India Uttar Pradesh districts 2012 Kushinagar.svg

उत्तर प्रदेश में कुशीनगर जिला ज़िले की अवस्थिति
राज्य उत्तर प्रदेश, Flag of India.svg भारत
प्रशासनिक प्रभाग गोरखपुर
मुख्यालय पडरौना
क्षेत्रफल 2,873.5 कि॰मी2 (1,109.5 वर्ग मील)
जनसंख्या 3,560,830 (2011)
जनसंख्या घनत्व 1,228/किमी2 (3,180/मील2)
शहरी जनसंख्या 4.87 per cent
साक्षरता 67.66 per cent
लिंगानुपात 955
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र कुशीनगर (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र)
आधिकारिक जालस्थल

कुशीनगर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला एवं एक छोटा सा कस्बा है। इस जनपद का मुख्यालय कुशीनगर से कोई १५ किमी दूर पडरौना में स्थित है। कुशीनगर जिला पहले देवरिया जिले का भाग था। कुशीनगर जिले के पूर्व में बिहार राज्य, दक्षिण-पश्चिम में देवरिया जिला, पश्चिम में गोरखपुर जिला, उत्तर-पश्चिम में महराजगंज जिला स्थित हैं। कुशीनगर जिले में ग्रामों की संख्या 1446 हैं।

धार्मिक व ऐतिहासिक परिचय[संपादित करें]

हिमालय की तराई वाले क्षेत्र में स्थित कुशीनगर का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन व गौरवशाली है। वर्ष 1876 ई0 में अंग्रेज पुरातत्वविद ए कनिंघम ने आज के कुशीनगर की खोज की थी। खुदाई में छठी शताब्दी की बनी भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा मिली थी इसके अलावा रामाभार स्तूप और और माथाकुंवर मंदिर भी खोजे गए थे। वाल्मीकि रामायण के मुताबिक यह स्थान त्रेता युग में भी आबाद था और यहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी थी जिसके चलते इसे कुशावती के नाम से जाना गया। पालि साहित्य के ग्रंथ त्रिपिटक के मुताबिक बौद्ध काल में यह स्थान षोड्श महाजनपदों में से एक था और मल्ल राजाओं की यह राजधानी। तब इसे कुशीनारा के नाम से जाना जाता था। पांचवी शताब्दी के अंत तक या छठी शताब्दी की शुरूआत में यहां भगवान बुद्ध का आगमन हुआ था। कुशीनगर में ही उन्होंने अपना अंतिम उपदेश देने के बाद महापरिनिर्माण को प्राप्त किया था। कुशीनगर से 16 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में मल्लों का एक और गणराज्य पावा था। यहाँ बौद्ध धर्म के समानांतर ही जैन धर्म का प्रभाव था। माना जाता है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर जैन (जो बुद्ध के समकालीन थे) ने पावानगर (वर्तमान में फाजिलनगर) में ही परिनिर्वाण प्राप्त किया था। इन दो धर्मों के अलावा प्राचीन काल से ही यह स्थल हिंदू धर्मावलंम्बियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। गुप्तकाल के तमाम भग्नावशेष आज भी जिले में बिखरे पड़े हैं इनमें तकरीबन डेढ़ दर्जन प्राचीन टीले हैं जिसे पुरातात्विक महत्व का मानते हुए पुरातत्व विभाग ने संरक्षित घोषित कर रखा है। उत्तर भारत का इकलौता सूर्य मंदिर भी इसी जिले के तुर्कपट्टी में स्थित है। भगवान सूर्य की प्रतिमा यहां खुदाई के दौरान ही मिली थी जो गुप्तकालीन मानी जाती है। इसके अलावा भी जनपद के विभिन्न हिस्सों में अक्सर ही जमीन के नीचे से पुरातन निर्माण व अन्य अवशेष मिलते ही रहते हैं। कुशीनगर जनपद का जिला मुख्यालय पडरौना है जिसके नामकरण के संबंध में यह कहा जाता है कि भगवान राम विवाह के उपरांत पत्नी सीता व अन्य सगे-संबंधियों के साथ इसी रास्ते जनकपुर से अयोध्या लौटे थे। उनके पैरों से रमित धरती पहले पदरामा और बाद में पडरौना के नाम से जानी गई। जनकपुर से अयोध्या लौटने के लिए भगवान राम और उनके साथियों ने पडरौना से 10 किलोमीटर पूरब से होकर बह रही बांसी नदी को पार किया था। आज भी बांसी नदी के इस स्थान को रामघाट के नाम से जाना जाता है। हर साल यहां भव्य मेला लगता है जहाँ उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों श्रद्धालु आते हैं। बांसी नदी के इस घाट को स्थानीय लोग इतना महत्व देते हैं कि सौ काशी न एक बांसी की कहावत ही बन गई है। मुगल काल में भी यह जनपद अपनी खास पहचान रखता था।

तहसीलें[संपादित करें]

कुशीनगर जिले में 6 तहसीलें हैं - पडरौना, कुशीनगर, हाटा, तमकुहीराज , खड्डा, कप्तानगंज

विकासखण्ड[संपादित करें]

कुशीनगर जिले में १४ विकासखण्ड (block) हैं - पडरौना, बिशुनपुरा, कुशीनगर, हाटा, मोतीचक, सेवरही, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा, दुदही, फाजिल नगर, सुकरौली, कप्तानगंज, रामकोला और तमकुहीराज

प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल[संपादित करें]

कुशीनगर का परिनिर्वाण मंदिर

कुशीनगर में मुख्य रूप से महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप तथा माथाकुँवर मंदिर है। इसके अलावा जिले में मुख्य रूप से कुछ सांस्कृतिक तथा धार्मिक स्थान हैं।

तुर्कपट्टी का सूर्य मंदिर[संपादित करें]

तुर्कपट्टी बाजार से लगभग 800 मीटर दक्षिण की ओर एक सूर्य मंदिर है। कुशीनगर का 'कोणार्क' कहे जाने वाले इस स्थान पर मिले सूर्य प्रतिमा की कथा सुदामा शर्मा से जुड़ी है। परिवार के लोगों के आकस्मिक निधन से परेशान श्री शर्मा ने रात में सपना देखा। स्वप्न में देखे गए स्थान की खुदाई में नीलमणि पत्थर की दो खंडित प्रतिमाएं मिली। अध्ययन के बाद इतिहासकारों ने बताया कि इनमें मिली मूर्तियां गुप्तकालीन हैं। एक प्रतिमा सूर्यदेव की है। 24 अप्रैल 1998 को इस प्रतिमा की चोरी हो गई थी, लेकिन पुलिस के प्रयास से प्रतिमा को बरामद कर लिया गया। अब यहां मंदिर बन चुका है। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहता है। इस मूर्ति की विशेषता है कि सूर्य के उगने के साथ ही मूर्ति की चमक बढ़ती है और दोपहर बाद मूर्ति की चमक मंद पड़ने लगती है।

चीनी मिलें[संपादित करें]

यहां गन्ने की सर्वाधिक खेती की जाती है। अतः यहां चीनी मिलों की अधिकता है। इस जिले में निम्न स्थानों पर मिलें स्थापित की गयी है- सेवरही, पडरौना, खड्डा, कप्तानगंज, रामकोला (02), लक्ष्मीगंज, कटकुंइयाँ, छितौनी ढाडा

विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र[संपादित करें]

फाजिलनगर, खड्डा, रामकोला, हाटा, कसया, पडरौना, तमकुही राज

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

कुशीनगर जिले की धार्मिक जनसांख्यिकी
धर्म प्रतिशत
हिन्दू
  
82.16%
मुसलमान
  
17.40%

सन २०११ की भारत की जनगणना के अनुसार कुशीनगर जिले की कुल जनसंख्या 3,560,830 है,[1] जो लिथुआनिया की जनसंख्या के लगभग बराबर है।[2] इस प्रकार कुशीनगर जिला भारत के ६४० जिलों में ८१वाँ सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला है।[1] इस जिले का जनसंख्या घनत्व १२२६ व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।[1] २००१ से २०११ के बीच इस जिले की जनसंख्या की वृद्धि दर 23.08% रही।[1] लिंगानुपात की दृष्टि से इस जिले में १००० पुरुषों पर ९५५ स्त्रियाँ हैं।[1] साक्षरता दर 67.66% है।[1]

कृषि[संपादित करें]

कुशीनगर मुख्यतः कृषि-प्रधान जनपद है। गन्ना, गेहूँ, धान यहाँ की प्रमुख फसलें हैं। इसके अलावा मक्का, बाजरा, मूंग, उड़द, अरहर एवं सब्जियों की खेती भी की जाती है।

जाति व धर्म समुदाय[संपादित करें]

इस जिले में मुस्लिम, हिन्दू व बौद्ध धर्म के अधिकतर लोग निवास करते है। मुस्लिम समुदाय की शेख ,पठान,अंसारी (जुलाहा),देवान,कुरैशी,चुड़ीहार,मिसकार,गद्दी,राकी ईत्यादी,व हिन्दू समुदाय के मल्ल-सैंथवार,अहिर,कोइरी,कुर्मी,बाभन,भूमिहार,राजपूत,कायस्थ,चमार,डोम,दुसाद,मुसहर,पासी,बीन,मल्लाह,भर,बारी,कुम्हार,भेड़िहार,हजाम,आदी जातियाँ निवास करती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "District Census 2011". Census2011.co.in. 2011. अभिगमन तिथि 2011-09-30.
  2. US Directorate of Intelligence. "Country Comparison:Population". अभिगमन तिथि 2011-10-01. Lithuania 3,535,547 July 2011 est.