कुरुबा

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कुरुबा (गड़रिया) चंद्रवंशी क्षत्रिय समुदाय कों कुरुबा गौड़ा, कुरुमा और कुरुम्बर हळूमता गौड़ा नाम से भी जाना जाता है । भारतीय राज्य कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के मूल निवासी हिन्दू जाती है । ये कर्नाटक में तीसरा सबसे बड़ा जाती समूह है । परंपरागत रुप से, ये चरवाहे, गाय/भेस,भेड़/बकरी और पशूपालन का कार्य करते थे, जिसमे ये विशेष रूप से गाय बकरियो के मिश्रित झुंड और मवेशीयो कों भी पालते थे।[1][2][3] पुराणों और ग्रंथ में कुरुब जनजाति - ब्रह्मा के पुत्र अत्रि ऋषि के पुत्र चंद्र या चंद्रमा का पुत्र बुध का पुत्र पुरुरवा का पुत्र आयु का पुत्र नहुष पुत्र ययति पुत्र पुरू की शाखा में कुरू का जन्म हुआ कुरू या कुरूब या कुरुबा नाम से वंश चला । कुरुबा (गड़रिया) चंद्रवंशी क्षत्रिय है (मूलरूप से कुरुवंशी)

ग्वाला धनगर भी कुरूबा जाति की शाखा हे मूल रूप धनगर ग्वाला यदुवंशी हे ।। ।। महाराष्ट्र के कुछ में धनगर अहीर लिखते है। धनगर ग्वाला का गोत्र भी अहीर है ।।।

धनगर या धेनुगर =धेनु+गर =गाय को रखने वाला

धेनु=गाय

विजय नगर साम्राज्य(संगम वंश) के संस्थापक हरिहर बुक्का कुरूवा जाति से थे।। राबर्ट सिवेल के अनुसार। कर्नाटक goverment ke anusar kuruba jati se the ।


सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Kuruba community sets a new trend at math". The Hindu (अंग्रेज़ी में). 2006-08-11. आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0971-751X. अभिगमन तिथि 2023-05-22.
  2. "Bandaru assures ST category for Golla-Kuruma". The Hindu (अंग्रेज़ी में). 2015-08-24. आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0971-751X. अभिगमन तिथि 2023-05-22.
  3. Dhere, Ramchandra Chintaman (2011-06-15). Rise of a Folk God: Vitthal of Pandharpur (अंग्रेज़ी में). Oxford University Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-19-977764-8.