कुतर्कों की सूची

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तर्कशास्त्र और भाषण कला में एक गलत तर्क को कुतर्क कहते हैं। कुतर्क दो प्रकार के होते हैं : औपचारिक और अनौपचारिक।

औपचारिक कुतर्क[संपादित करें]

औपचारिक कुतर्क उस कुतर्क को कहते हैं जो संरचनात्मक होता है।[1]

  • उपाख्यान का कुतर्क – अच्छे तर्क या सबूत के स्थान पर निजी अनुभव या असंबंधित उदाहरण देना।
  • संभावना से अपील – किसी चीज़ को सत्य मान लेना क्योंकि वो होने की संभावना अधिक है (या अधिक लगती है)।[2][3]
  • कुतर्क से तर्क – यह मानना कि यदि तर्क गलत है तो निष्कर्ष भी गलत होगा।[4]

अनौपचारिक कुतर्क[संपादित करें]

अनौपचारिक कुतर्क उस कुतर्क को कहते हैं जिसमें गलती का कारण संरचनात्मक नहीं होता है। ऐसे कुतर्कों के अर्थ की जांच करने की जरुरत होती है।[5]

  • पत्थर से अपील – किसी तर्क को बेतुका कह कर खारिज कर देना, उसके बेतुकेपन का प्रमाण दिए बिना।[6]
  • अज्ञानता से तर्क – किसी दावे को इसलिए सच मान लेना क्योंकि कोई उसे झूठा नहीं सिद्ध कर पाया है या उसे झूठा सिद्ध नहीं किया जा सकता, या इसके विपरीत।[7]
  • व्यक्तिगत अविश्वास से तर्क – मैं नहीं मान सकता कि यह सच है, इसलिए यह झूठ होगा।[8][9]
  • व्यक्ति-केन्द्रित कुतर्क (लातिन : ad hominem) – प्रतिद्वंद्वी पर आक्रमण करके वास्तविक विषय को टालना।
  • बेग्गींग द क्वेश्चन (अंग्रेज़ी: Begging the question) – निष्कर्ष को सिद्ध करने के लिए दिए गए तर्क में कहीं निष्कर्ष को ही सत्य मान लेना।[10][11][12][13]
  • सबूत के बोझ को स्थानांतरित करना – मुझे मेरे दावे को सिद्ध करने की जरुरत नहीं है, तुम सिद्ध करो कि यह गलत है।
  • चक्करदार तर्क (अंग्रेज़ी: Circular reasoning) – जब तर्क करने वाला तर्क की शुरुवात उस निष्कर्ष को सत्य मान के करता है जिसे वह सिद्ध कर रहा हो।
  • सह-संबंध (अंग्रेज़ी: Correlation) का मतलब कारण – एक गलत धारणा कि दो चीज़ों  के बीच सह-संबंध का मतलब है एक चीज़ दूसरी की वजह से होती है।[14]
  • पारिभाषा से पीछे हटना – तर्क पर आपत्ति उठाई जाने पर शब्दों का अर्थ बदल देना।[15]
  • अस्पष्टता – एक से अधिक अर्थ वाले शब्द का प्रयोग करके धोखा देना (यह स्पष्ट नहीं करके कि किस समय कौन सा अर्थ प्रयोग हो रहा है)।[16]
  • पारिस्थितिक कुतर्क (अंग्रेज़ी: Ecological fallacy) – किसी व्यक्ति के बारे में उसके समुदाय के बारे में लिए समस्त आंकड़ों से अनुमान लगाना।[17]
  • व्युत्पत्तिशास्त्र कुतर्क – यह तर्क देना कि किसी शब्द या वाक्यांश का मूल या ऐतिहासिक अर्थ उसके आज कल के अर्थ के समान है।[18]
  • झूठा आरोपण – जब कोई व्यक्ति अपने समर्थन के लिए एक असंबद्ध, अयोग्य, अज्ञात, पक्षपातपूर्ण, या मनगढ़ंत स्रोत का प्रयोग करता है।
  • झूठा विशेषज्ञ (इकलौता विशेषज्ञ) – संदिग्ध परिचय पत्र वाले विशेषज्ञ या इकलौते विशेषज्ञ की राय के सहारे दावा करना।
  • झूठी दुविधा (झूठा विभाजन, काला या सफेद कुतर्क) – यह मानना कि केवल दो विकल्प हैं, जब की वास्तविकता में दो से अधिक विकल्प हों।[19]
  • झूठी समानता – दो स्थितियों में समानता दिखाना, जब की कोई समानता न हो।
  • जुआरी का कुतर्क – यह गलत धारणा कि एक स्वतन्त्र यादृच्छिक घटना दूसरी स्वतन्त्र यादृच्छिक घटना की संभावना को प्रभावित कर सकती है। अगर एक निष्पक्ष सिक्का दस बार चित्त पर गिरता है, तो यह मानना कि इसका कारण है कि "वह सिक्का पहले पट्ट पर ज्यादा बार गिरा होगा" एक गलत विश्वास है।[20]

लाल हिलसा कुतर्क[संपादित करें]

लाल हिलसा कुतर्क उस कुतर्क को कहते हैं जिसमें गलत निष्कर्ष निकालने के लिए कथन को अनजाने में या जानबूझकर भटकाने वाला बनाया गया हो।

  • प्रकृति से अपील – जब निर्णय केवल इस बात पर निर्भर करता है कि वस्तु प्राकृतिक है या अप्राकृतिक।[21]
  • व्यक्ति-केन्द्रित कुतर्क (लातिन : ad hominem) – प्रतिद्वंद्वी पर आक्रमण करके वास्तविक विषय को टालना।
    • कुँए को जहरीला करना (अंग्रेज़ी: Poisoning the well) : व्यक्ति-केन्द्रित कुतर्क का एक प्ररूप जिसमें प्रतिद्वंद्वी की कही सभी बातें नकारने के लिए उसके बारे में कोई हानिकारक जानकारी दी जाती है।
    • अपशब्द का कुतर्क (अंग्रेज़ी: Abusive fallacy) – व्यक्ति-केन्द्रित कुतर्क का एक प्ररूप जिसमें प्रतिद्वंद्वी के बारे में अपशब्द कह कर वास्तविक विषय को टाला जाता है।
  • अधिकारी से अपील (अंग्रेज़ी: Appeal to authority) – कथन कहने वाले के पद की बुनियाद पर कथन को सच मान लेना।
    • उपलब्धि से अपील (अंग्रेज़ी: Appeal to accomplishment) – कथन कहने वाले की उपलब्धि की बुनियाद पर कथन को सच मान लेना।
  • परिणामों से अपील (अंग्रेज़ी: Appeal to consequences) – असली वार्तालाप से ध्यान हटाने के लिए कार्य के अच्छे या बुरे परिणामों के बारे में बात करना।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Bunnin & Yu 2004, "formal fallacy".
  2. Leon, Joseph (23 April 2011). "Appeal to Probability". Logical & Critical Thinking. मूल से 27 September 2013 को पुरालेखित.
  3. McDonald, Simon (2009). "Appeal to probability". Toolkit For Thinking. मूल से 19 February 2015 को पुरालेखित.
  4. Curtis, "Fallacy Fallacy".
  5. Bunnin & Yu 2004, "informal fallacy".
  6. http://www.jstor.org/discover/10.2307/2709600
  7. Damer 2009, पृ॰ 165.
  8. Carroll, Robert T. "The Skeptic's Dictionary". divine fallacy (argument from incredulity). अभिगमन तिथि 5 April 2013.
  9. "Toolkit for Thinking".
  10. "Your logical fallacy is begging the question". Thou shalt not commit logical fallacies.
  11. "Fallacy: Begging the Question". nizkor.org.
  12. Bo Bennett. "Begging the Question". logicallyfallacious.com.
  13. "Begging the Question". txstate.edu.
  14. Pirie 2006, पृ॰ 41.
  15. Pirie, Madsen (2006). How to Win Every Argument: The Use and Abuse of Logic. A&C Black. पृ॰ 46. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8264-9006-3. अभिगमन तिथि 10 September 2015.
  16. Damer 2009, पृ॰ 121.
  17. Fischer 1970, पृ॰ 119.
  18. Gula 2002, पृ॰ 70.
  19. "Fallacy – False Dilemma". Nizkor. The Nizkor Project. अभिगमन तिथि 2011-02-01.
  20. Damer 2009, पृ॰ 186.
  21. Gary Curtis. "Logical Fallacy: Appeal to Nature". fallacyfiles.org.
किताबें