काष्ठकारी

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भारतीय बढ़ई
काष्ठकारी में प्रयुक्त परम्परागत औजार

काष्ठकारी एक प्राचीन व्यवसाय व हस्तकला है जिसमें लकड़ी का उपयोग करके तरह-तरह की वस्तुएँ बनायी जातीं हैं। घर एवं घर में उपयोग आने वाली चींजें (चौखट, दरवाजे, खिड़कियाँ आदि), मेज, कुर्सी, पलंग, सोफा, गाड़ियों के लकड़ी के ढांचे (जैसे बैलगाड़ी) आदि बनाने के लिये काष्ठकार (बढ़ई) की जरूरत होती है।

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