काला हिरन

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काला हिरन
Black Buck.jpg
संरक्षण स्थिति
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: जंतु
संघ: रज्जुकी
वर्ग: स्तनपायी
गण: द्विखुरीयगण
कुल: बोविडी
प्रजाति: बहुसिंगा
जाति: ए. सर्विकापरा
द्विपद नाम
ऍन्टिलोप सर्विकापरा
(लिनेअस,१७५८)
उपजाति

ऍन्टीलोप सर्विकापरा सॅंट्रॅलिस
ऍन्टीलोप सर्विकापरा सर्विकापरा
ऍन्टीलोप सर्विकापरा राजपुतानी
ऍन्टीलोप सर्विकापरा रुपिकापरा

काला हिरन या कृष्णमृग बहुसिंगा की प्रजाति है जो भारतीय उपमहाद्वीप में पायी जाती है। काला हिरन बहुसिंगा प्रजाति की इकलौती जीवित जाति है।

अभिलक्षण[संपादित करें]

नर और मादा अलग-अलग रंग के होते हैं। इसकी कद-काठी इस प्रकार है:-
लंबाई - १००-१५० से.मी.
कंधे तक ऊँचाई - ६०-८५ से.मी.
पूँछ की लंबाई - १०-१७ से.मी.
वज़न - २६-३५ कि.
इसके सींग में छल्लों जैसे उभार होते हैं। इसके सींग पेंचदार होते हैं जिनके १-४ घुमाव होते हैं। अमूमन ४ से अधिक घुमाव नहीं पाये जाते हैं। सींगों की लंबाई ७९ से.मी. तक हो सकती है। नर में ऊपरी शरीर का रंग काला (या गाढ़ा भूरा) होता है। निचले शरीर का रंग और आँख के चारों तरफ़ सफ़ेद होता है। मादा हल्के भूरे रंग की होती है।

संस्कृति में[संपादित करें]

यह राजस्थान का राज्य जानवर है। राजस्थान के बिश्नोई लोग इसकी संरक्षण के लिए जाने जाते हैं। इसको किसानों द्वारा बड़ी इज़्ज़त की नजरों से देखा जाता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Mallon, D.P. (2008). Antilope cervicapra. 2008 संकटग्रस्त प्रजातियों की IUCN लाल सूची. IUCN 2008. Retrieved on 18 February 2012.Database entry includes justification for why this species is near threatened

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]