कायिक संवेदी तंत्र
|
विभिन्न संवेदी मार्गों (DCML और स्पाइनोथैलेमिक) की तुलनात्मक संरचना | |
| प्रणाली (System) | संवेदी तंत्र, तंत्रिका तंत्र |
|---|---|
| मुख्य कार्य | स्पर्श, तापमान, दर्द और शारीरिक स्थिति का बोध (Proprioception) |
| प्रमुख घटक (ग्राही) | मेकेनोरेसेप्टर (Mechanoreceptors), थर्मोरेसेप्टर (Thermoreceptors) एवं नोसिसेप्टर (Nociceptors) |
| अंग / स्थान | त्वचा, मांसपेशियाँ, जोड़ और आंतरिक अंग |
| मस्तिष्क केंद्र | पार्श्वललाट पालि (Parietal lobe) - प्राथमिक कायिक संवेदी वल्कुट (Primary somatosensory cortex) |
| मुख्य तंत्रिका पथ | डी॰सी॰एम॰एल॰ (DCML) और स्पाइनोथैलेमिक पथ |
| विकिडाटा आईडी | Q328835 |
कायिक संवेदी तंत्र, संवेदी तंत्रिका तंत्र का एक उपसमूह है। कायिक संवेदी प्रणाली के प्रमुख कार्य बाहरी उत्तेजनाओं की धारणा, आंतरिक उत्तेजनाओं की धारणा और शरीर की स्थिति का विनियमन हैं।[1] यह शरीर के भीतर विभिन्न संवेदी तौर-तरीकों के मध्य एक मार्ग के रूप में कार्य करता है।[2] सोमैटोसेंसरी सिस्टम मॉडल के अंतर्निहित तंत्र, शुद्धता और वैधता पर वैज्ञानिक बहस जारी रही है, विशेषकर इस बात पर कि क्या यह तंत्र शरीर में उत्पन्न भावनाओं को भी प्रभावित करता है।[3][4][5]
कार्य और संवेदी प्रकार
[संपादित करें]कायिक संवेदी तंत्र चार प्रकार की संवेदनाओं को ग्रहण करने का कार्य करता है:
- स्पर्श: इसके अंतर्गत दबाव, कंपन और बनावट का ज्ञान शामिल है। त्वचा में मौजूद स्पर्श कणिकाएं हल्का स्पर्श, स्तरित कणिकाएं कंपन और मर्केल स्पर्श बिंब गहरा दबाव महसूस करते हैं।[6]
- तापमान: इसमें मुक्त तंत्रिका सिरे सीधे तौर पर गर्मी और ठंड का पता लगाते हैं।[6]
- दर्द: पीड़ाग्राही शरीर में होने वाली रासायनिक या भौतिक ऊतक क्षति का संकेत मस्तिष्क तक पहुँचाते हैं।[6]
- श शारीरिक स्थिति: इसके तहत 'मसल स्पिंडल' और 'गोलगी टेंडन' शरीर के अंगों की स्थिति और गति की जानकारी देते हैं।[6]
तंत्रिका पथ और कार्यप्रणाली
[संपादित करें]कायिक संवेदी तंत्र के संकेत मुख्य रूप से दो तंत्रिका मार्गों से होकर मस्तिष्क तक पहुँचते हैं। पहला मार्ग 'पृष्ठीय स्तंभ-मध्यवर्ती लेम्निस्कस' (DCML) है, जो सूक्ष्म स्पर्श और कंपन की जानकारी ले जाता है। दूसरा मार्ग 'स्पाइनोथैलेमिक ट्रैक्ट' है, जो दर्द और तापमान के संकेतों को संचारित करने के लिए उत्तरदायी है। जब ये संकेत मस्तिष्क के पार्श्वललाट पालि में स्थित प्राथमिक कायिक संवेदी वल्कुट तक पहुँचते हैं, तो उनका विश्लेषण होता है। मस्तिष्क का यह हिस्सा शरीर के अंगों से आने वाली इन संवेदनाओं का एक मानचित्र तैयार करता है।
नैदानिक महत्व
[संपादित करें]इस संवेदी तंत्र में विकार उत्पन्न होने पर व्यक्ति को सुन्नपन या दर्द महसूस न होने जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे शरीर को सुरक्षित रखना कठिन हो जाता है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Wang, Luyao; Ma, Lihua; Yang, Jiajia; Wu, Jinglong (2021). "Human Somatosensory Processing and Artificial Somatosensation". Cyborg and Bionic Systems (Washington, D.C.). 2021: 9843259. डीओआई:10.34133/2021/9843259. आईएसएसएन 2692-7632. पीएमसी 9494715. पीएमआईडी 36285142.
- ↑ Raju, Harsha; Tadi, Prasanna (2025), "Neuroanatomy, Somatosensory Cortex", StatPearls, StatPearls Publishing, पीएमआईडी 32310375, अभिगमन तिथि: 2026-02-21
- ↑ Tang, Ding-Lan; Niziolek, Caroline A.; Parrell, Benjamin (2023-04-01). "Modulation of somatosensation by transcranial magnetic stimulation over somatosensory cortex: a systematic review". Experimental Brain Research. 241 (4): 951–977. डीओआई:10.1007/s00221-023-06579-9. आईएसएसएन 1432-1106. पीएमसी 10851347. पीएमआईडी 36949150.
- ↑ Haan, Edward H. F. de; Dijkerman, H. Chris (2020-07-01). "Somatosensation in the Brain: A Theoretical Re-evaluation and a New Model". Trends in Cognitive Sciences (English भाषा में). 24 (7): 529–541. डीओआई:10.1016/j.tics.2020.04.003. आईएसएसएन 1364-6613. पीएमआईडी 32430229.
{{cite journal}}: CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ Giraud, Michelle; Javadi, Amir-Homayoun; Lenatti, Carmen; Allen, John; Tamè, Luigi; Nava, Elena (2024-10-18). "The role of the somatosensory system in the feeling of emotions: a neurostimulation study". Social Cognitive and Affective Neuroscience. 19 (1): nsae062. डीओआई:10.1093/scan/nsae062. आईएसएसएन 1749-5024. पीएमसी 11488518. पीएमआईडी 39275796.
- 1 2 3 4 "Wayback Machine" (PDF). ncert.nic.in. अभिगमन तिथि: 2026-02-21.
